सीएम ग्रिड योजना में लापरवाही, कार्यदायी संस्था पर लगा तीन लाख जुर्माना, एक्सईएन को नोटिस, इंस्पेक्टर का वेतन रोका 

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां और लापरवाहियां सामने आईं। कचहरी में निर्माण कार्य में लापरवाही पर कार्यदायी संस्था पर तीन लाख जुर्माना लगाया। वहीं नाले की सिल्ट सफाई में उदासीनता पर एजेंसी पर 50 हजार पेनाल्टी लगाई। दूध सट्टी कार्य में देरी पर एक्सईएन को शो-कॉज नोटिस और गंदगी मिलने पर सफाई इंस्पेक्टर का वेतन रोकने की कार्रवाई की।  
 

- नगर आयुक्त ने कचहरी में हो रहे निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
 

- अतिक्रमणकारियों से 25-25 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का दिया आदेश
 

- अशोक विहार पार्क में लापरवाही पर वेंडर को हटाने का दिया निर्देश 
 

- तहसील सदर नाले में सिल्ट मिलने पर एजेंसी पर 50 हजार की पेनल्टी
 

- पुलिस लाइन में दूध सट्टी कार्य में देरी पर एक्सईएन को शो-कॉज नोटिस
 

- पांडेपुर में गंदगी पर सफाई इंस्पेक्टर का वेतन रोका

वाराणसी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां और लापरवाहियां सामने आईं। कचहरी में निर्माण कार्य में लापरवाही पर कार्यदायी संस्था पर तीन लाख जुर्माना लगाया। वहीं नाले की सिल्ट सफाई में उदासीनता पर एजेंसी पर 50 हजार पेनाल्टी लगाई। दूध सट्टी कार्य में देरी पर एक्सईएन को शो-कॉज नोटिस और गंदगी मिलने पर सफाई इंस्पेक्टर का वेतन रोकने की कार्रवाई की।  

नगर आयुक्त ने कचहरी स्थित सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे मार्ग निर्माण का जायजा लिया। पूर्व की चेतावनी के बाद भी कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग कार्य की गुणवत्ता खराब और गति बेहद धीमी पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसी मार्ग के पाथवे पर दुकानदारों द्वारा टेबल-कुर्सी लगाकर किए गए अवैध अतिक्रमण और गंदगी को देख नगर आयुक्त भड़क गए। उन्होंने जोनल अधिकारी को अतिक्रमणकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के कड़े निर्देश दिए।

उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत अशोक विहार कॉलोनी पार्क नंबर 4 के विकास कार्यों को भी देखा। वहां पाथवे और दीवारों की टाइल्स टूटी मिलीं, रेन वाटर हार्वेस्टिंग चेंबर जीर्ण-शीर्ण था और मिट्टी भराई का काम सुस्त था। इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने वर्तमान वेंडर को हटाकर दूसरे वेंडर को काम सौंपने तथा पुराने वेंडर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसील सदर नाला के निरीक्षण में दावा तो सफाई का किया गया था, लेकिन मौके पर सिल्ट (कीचड़) जमा मिली। इस पर संबंधित एजेंसी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही 360 सैलून के पास सीवर लाइन डालने व चेंबर कनेक्टिविटी का निर्देश दिया। भोजूबीर से जीवन दीप स्कूल तक नाला सफाई न होने पर बारिश को देखते हुए तत्काल काम शुरू कराने को कहा।

मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों पर चेतावनी और अफसरों पर गाज
नगर आयुक्त ने भोजूबीर और लहुराबीर में बन रही निर्माणाधीन मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों का भी निरीक्षण किया। दोनों जगह काम सुस्त मिलने पर उन्होंने लेबर बढ़ाकर गति लाने की चेतावनी दी, अन्यथा टर्मिनेशन (काम रोकने) की चेतावनी दी।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस लाइन चौराहा पर दूध सट्टी के लिए टीन शेड व पाथवे का काम दो महीने बाद भी शुरू न होने पर अधिशासी अभियंता एमके सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं, पांडेपुर काली माता मंदिर से पुलिस लाइन चौराहा तक डिवाइडर व फ्लाई ओवर पर गंदगी मिलने पर सफाई निरीक्षक सुजीत गुप्ता को शो-कॉज नोटिस के साथ वेतन रोकने और सफाई सुपरवाइजर पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।