रविदास घाट के समीप गंगा में डूबा किशोर, तलाश में जुटी एनडीआरएफ, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस 

लंका थाना क्षेत्र के रविदास घाट पर शनिवार को 17 वर्षीय किशोर के गंगा में डूबने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू कराया। किशोर की पहचान शिवम विश्वास उर्फ दुर्लभ, पुत्र उज्ज्वल विश्वास, निवासी गंगोत्री विहार कॉलोनी, थाना लंका, वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसकी उम्र करीब 17 वर्ष है।
 

 

वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के रविदास घाट पर शनिवार को 17 वर्षीय किशोर के गंगा में डूबने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू कराया। किशोर की पहचान शिवम विश्वास उर्फ दुर्लभ, पुत्र उज्ज्वल विश्वास, निवासी गंगोत्री विहार कॉलोनी, थाना लंका, वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार उसकी उम्र करीब 17 वर्ष है।

 

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन किशोर के गंगा में डूबने का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद संभावित स्थानों पर तलाश अभियान तेज किया गया। पुलिस ने गंगा में खोजबीन के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी मौके पर बुलाया।

 

संभावित स्थानों पर तलाश
एनडीआरएफ की टीम गंगा में संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश कर रही है। टीम घाट के आसपास नदी के विभिन्न हिस्सों में खोज अभियान चला रही है। वहीं पुलिस भी स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद अन्य व्यक्तियों से जानकारी जुटा रही है, ताकि किशोर के आखिरी बार देखे जाने के स्थान और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

 

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती डूबने के संभावित स्थान का स्पष्ट नहीं होना है। इसे देखते हुए रविदास घाट और आसपास के क्षेत्र में लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घाट के आसपास मौजूद क्रूज और अन्य स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है। पुलिस फुटेज के जरिये किशोर की गतिविधियों और गंगा की ओर जाने के संभावित स्थान की जानकारी जुटाने में लगी है।

परिजनों को दी गई सूचना
घटना की जानकारी किशोर के परिजनों को दे दी गई है। परिजन भी मौके पर पहुंचे और तलाश अभियान की जानकारी लेते रहे। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें लगातार खोजबीन में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि किशोर की तलाश के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। डूबने के स्थान और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।