मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी, एनडीआरएफ ने बाढ़ बचाव का किया मेगा मॉक ड्रिल

आगामी मानसून-2026 के दौरान संभावित बाढ़ और उससे उत्पन्न होने वाली आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, नागरिक पुलिस, जल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
 

वाराणसी। आगामी मानसून-2026 के दौरान संभावित बाढ़ और उससे उत्पन्न होने वाली आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में व्यापक संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, नागरिक पुलिस, जल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

एनडीआरएफ की फ्लड वॉटर रेस्क्यू टीमों ने उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में इस अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह संयुक्त पूर्वाभ्यास वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, लखनऊ और उन्नाव सहित बाढ़ प्रभावित होने की आशंका वाले कई जिलों में आयोजित किया गया। विभिन्न स्थानों पर संभावित आपदा परिदृश्यों का यथार्थपरक प्रदर्शन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया।

अभ्यास के दौरान नदी में व्यक्ति के डूबने, यात्री नौका के पलटने, अचानक आई बाढ़ में लोगों के फंस जाने और जलमग्न क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी जैसे परिदृश्यों पर आधारित खोज एवं बचाव अभियान संचालित किए गए। इन अभियानों में आधुनिक बचाव उपकरणों, मोटरबोट, लाइफ सेविंग डिवाइस और विशेष आपदा प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। बचाव दलों ने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और राहत कार्यों के संचालन का सफल अभ्यास किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया। मॉक ड्रिल के समापन पर सभी सहभागी एजेंसियों ने संयुक्त समीक्षा बैठक कर अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन किया और आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि एनडीआरएफ अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधनों और अनुभवी कार्मिकों के साथ किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के पूर्वाभ्यास आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मेगा मॉक ड्रिल आगामी मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में बेहद उपयोगी साबित होगी।