नारी शक्ति वंदन : विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का सम्मान, ब्रजेश पाठक और स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर किया प्रहार
वाराणसी। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। दोनों नेताओं ने विपक्षी दलों के नेताओं पर गलत बयानबाजी और समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
बृजेश पाठक ने कहा कि महिलाओं ने जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें उनके अधिकार नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अब इस स्थिति को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संसद में गलत बयानबाजी की जा रही है। खास तौर पर अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण की बात करना संविधान के विरुद्ध है। “भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है,” उन्होंने स्पष्ट किया। पाठक ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति के तहत ऐसे मुद्दे उठा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि विशेष सत्र बुलाकर सरकार देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने जा रही है। उन्होंने इसे “विकसित भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। साथ ही सवाल उठाया कि विपक्ष आखिर क्यों बेटियों के अधिकारों में बाधा डालना चाहता है।
महिलाओं के मुद्दे पर न हो राजनीतिः स्मृति ईरानी
वहीं, स्मृति ईरानी ने प्रेस वार्ता में कहा कि देश की महिलाएं इस अधिनियम का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं, लेकिन कुछ विपक्षी दल इस प्रयास को सफल नहीं होने देना चाहते। उन्होंने अपील की कि महिलाओं के मुद्दे पर राजनीति न की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई इस प्रक्रिया में बाधा डालेगा तो देश की महिलाएं उसका जवाब देंगी।
स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कहकर समाज को भ्रमित कर रहे हैं, जबकि संविधान इसकी अनुमति नहीं देता। उन्होंने इसे निजी राजनीतिक लाभ के लिए किया गया प्रयास बताया और समाजवादी पार्टी पर संयम की कमी का आरोप लगाया।
उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती भी दी कि वे अपनी पारंपरिक सीट से बाहर निकलकर किसी अन्य क्षेत्र जैसे गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने एक स्वर में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने और देश में सामाजिक संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।