वाराणसी में मुस्लिम टीचर ने हिजाब पहनने पर नौकरी न देने का लगाया आरोप, वीडियो वायरल, स्कूल संचालिका ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र स्थित बुद्धा पब्लिक स्कूल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक मुस्लिम युवती ने आरोप लगाया है कि उसे हिजाब पहनने की वजह से स्कूल में नौकरी नहीं दी गई और मुस्लिम होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। वहीं स्कूल प्रबंधन ने युवती के आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी सफाई दी है।
वायरल वीडियो में युवती सामरीना बानो खुद को शिक्षिका बताते हुए कहती नजर आ रही हैं कि उन्हें हिजाब पहनने के कारण स्कूल से बाहर कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि आज के समय में मुस्लिम शिक्षकों के लिए आगे बढ़ना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि नौकरी और इंटरव्यू के दौरान मुस्लिम होने के कारण कई बार उन्हें अस्वीकार कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, कुछ अभिभावक भी मुस्लिम शिक्षक से अपने बच्चों को पढ़ाने में संकोच करते हैं।
सामरीना बानो ने वीडियो में यह भी कहा कि स्कूलों में बच्चों के मन में ऐसी धारणाएं बना दी जाती हैं कि वे मुस्लिम शिक्षकों से दूरी बनाते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी बच्चों को समान रूप से पढ़ाती हैं और स्कूलों में सरस्वती वंदना सहित सभी गतिविधियों में बच्चों को शामिल कराया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। वायरल वीडियो के बाद मामला तेजी से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
वहीं बुद्धा पब्लिक स्कूल की प्रबंधक ऊषा रानी मौर्या ने युवती के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सामरीना बानो को स्कूल में पढ़ाने के लिए बुलाया गया था और उनसे डेमो क्लास भी ली गई थी। स्कूल के नियमों के तहत उनसे मोबाइल जमा करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया और विद्यालय के नियमों पर सवाल उठाने लगीं। ऊषा राज मौर्या ने कहा कि स्कूल में पहले से चार मुस्लिम शिक्षिकाएं कार्यरत हैं और उन्होंने कभी किसी प्रकार की शिकायत नहीं की।