नगर निगम का स्मार्ट चैटबॉट बना लोगों की राहत, चार घंटे में 13 शिकायतों का निस्तारण

नगर निगम द्वारा गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में शुरू किया गया स्मार्ट व्हाट्सएप चैटबॉट नागरिकों के लिए त्वरित शिकायत निवारण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। दूसरे ही दिन इस डिजिटल व्यवस्था ने बेहतर परिणाम देते हुए महज चार घंटे के भीतर प्राप्त सभी 13 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया। नगर निगम के अनुसार, शिकायत मिलते ही संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया।
 

वाराणसी। नगर निगम द्वारा गंगा तटवर्ती क्षेत्रों में शुरू किया गया स्मार्ट व्हाट्सएप चैटबॉट नागरिकों के लिए त्वरित शिकायत निवारण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। दूसरे ही दिन इस डिजिटल व्यवस्था ने बेहतर परिणाम देते हुए महज चार घंटे के भीतर प्राप्त सभी 13 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया। नगर निगम के अनुसार, शिकायत मिलते ही संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया।

नगर निगम ने गंगा तटवर्ती 25 वार्डों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। व्हाट्सएप चैटबॉट (8601872601) के माध्यम से नागरिक सीवर, पेयजल, सड़क, जलभराव, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज होते ही कंट्रोल रूम से उसकी निगरानी की जाती है और संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कंट्रोल रूम से हर शिकायत की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण नागरिकों का विश्वास बढ़ा रहा है और डिजिटल प्रशासन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।

बुधवार को सबसे अधिक आठ शिकायतें जलकल विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। प्रहलाद घाट, बलुआबीर, गोलादीनानाथ, बिंदु माधव, शिवाला और ईश्वरगंगी वार्डों से सीवर ओवरफ्लो, गंदे पानी के बहाव तथा पेयजल पाइपलाइन में लीकेज की शिकायतें मिलीं। जलकल विभाग के अभियंताओं मंगल देव वर्मा, गौरव मिश्रा और दीपक कुमार की टीमों ने एक से तीन घंटे के भीतर सीवर जाम हटाकर और पाइपलाइन की मरम्मत कर समस्याओं का समाधान किया।

निर्माण विभाग को चार शिकायतें प्राप्त हुईं। सिगरा और प्रहलाद घाट क्षेत्र में खुले नालों के कारण दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराई गई, जबकि सिगरा वार्ड में जलभराव की समस्या का समाधान भी शीघ्र कराया गया। वहीं आलोक विभाग को बंगाली टोला वार्ड में स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने की शिकायत मिली। अभियंता हरीश मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने मात्र 1 घंटे 12 मिनट में फॉल्ट दूर कर संभावित हादसे को टाल दिया।