मलदहिया फूल मंडी विवाद पर नगर निगम का स्पष्टीकरण- बिचौलियों और दबंगों द्वारा किया जा रहा था किसानों का आर्थिक शोषण, किसानों के हित में की गई है कार्रवाई

वाराणसी। वाराणसी के मलदहिया क्षेत्र स्थित फूल मंडी पर की गई कार्रवाई को लेकर नगर निगम ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह वैध और किसानों के हित में की गई है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर फूल मंडी संचालित की जा रही थी, वह रक्षा संपदा की भूमि है, जिसका प्रबंधन नगर निगम के अधीन है। इस भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था और किसानों से लगातार अवैध वसूली की जा रही थी।
 

वाराणसी। वाराणसी के मलदहिया क्षेत्र स्थित फूल मंडी पर की गई कार्रवाई को लेकर नगर निगम ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह वैध और किसानों के हित में की गई है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर फूल मंडी संचालित की जा रही थी, वह रक्षा संपदा की भूमि है, जिसका प्रबंधन नगर निगम के अधीन है। इस भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया था और किसानों से लगातार अवैध वसूली की जा रही थी।

किसानों को बिचौलियों से राहत देना उद्देश्य
नगर निगम के अनुसार, मंडी के नाम पर बिचौलियों और दबंगों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कार्रवाई कर परिसर को अपने कब्जे में लिया और ताला लगाया है। संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि अब नगर निगम किसानों को सीधे भूमि का आवंटन करेगा, ताकि वे बिना किसी बिचौलिए के अपना व्यापार कर सकें और ठगी का शिकार न हों।

निगम की कार्रवाई को बताया जनहित में
नगर निगम ने इस कार्रवाई को किसानों के लिए “बड़ी सौगात” बताया है। निगम का कहना है कि नई व्यवस्था से फूल मंडी का संचालन अधिक पारदर्शी होगा और किसानों को सुरक्षित व व्यवस्थित स्थान मिलेगा। साथ ही अवैध वसूली पर पूरी तरह रोक लगेगी।

विरोध के बीच की गई कार्रवाई
हालांकि नगर निगम की कार्रवाई के दौरान मंडी संचालकों, कुछ मंदिर संचालकों और किसानों द्वारा विरोध भी किया गया। विरोध के बीच कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन नगर निगम की टीम ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करते हुए अपने अधिकार का प्रयोग किया और मंडी को अपने कब्जे में ले लिया।

मंडी संचालकों ने बताया अवैध कार्रवाई
वहीं दूसरी ओर मंडी संचालकों ने नगर निगम की इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह फूल मंडी पिछले करीब 40 वर्षों से संचालित हो रही थी और इससे सैकड़ों किसानों की रोज़ी-रोटी जुड़ी हुई है। हालांकि नगर निगम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल निगम के नियंत्रण में है फूल मंडी
नगर निगम के कब्जे के बाद फिलहाल फूल मंडी पूरी तरह निगम के नियंत्रण में है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही किसानों को सीधे भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे व्यवस्था को स्थायी और विवाद-मुक्त बनाया जा सके।

देखें वीडियो, इस मामले पर क्या बोले नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव

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