मानसून से पहले अलर्ट मोड में नगर निगम, महापौर ने की समीक्षा, बोले- रोजाना नाला सफाई की करेंगे जांच, लापरवाही पर गिरेगी गाज
वाराणसी। नगर निगम ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शहर के सभी छोटे-बड़े नालों, सीवर लाइनों और गलीपिटों की सफाई अभियान को तेज कर दिया गया है। गुरुवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नाला सफाई एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मानसून से पहले हर हाल में शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान सामान्य विभाग को छोटे नालों की सफाई एवं गलीपिटों की मरम्मत का दायित्व सौंपा गया, जबकि जलकल विभाग को सीवेज लाइनों की सफाई और सुपर सकर मशीनों के माध्यम से सीवर जाम की समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए। महापौर ने अधिकारियों से प्रतिदिन किए जा रहे सफाई कार्यों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया, ताकि पानी के बहाव में कोई बाधा न आए।
महापौर ने अब तक साफ किए गए नालों की सूची भी तलब की है और कहा कि उनकी औचक जांच कराई जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि सोमवार से वह स्वयं सुबह 7:30 बजे शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर नाला सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि केवल कागजों पर सफाई दिखाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को 15 दिनों के विशेष अभियान के तहत सभी गलीपिटों की सफाई और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। इस दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह, ओपी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।