बड़े बकायेदारों पर नगर निगम प्रशासन सख्त, सप्तसागर दवा मंडी में 10.30 लाख संपत्ति कर की वसूली  

नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने में बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर निगम की टीम ने रविवार को सप्तसागर दवा मंडी क्षेत्र में बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मौके पर ही ₹10.30 लाख का संपत्ति कर जमा कराया।
 

वाराणसी। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने में बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर निगम की टीम ने रविवार को सप्तसागर दवा मंडी क्षेत्र में बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मौके पर ही ₹10.30 लाख का संपत्ति कर जमा कराया।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व कोतवाली जोन के जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा ने किया। नगर निगम के अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों की टीम सुबह ही सप्तसागर दवा मंडी पहुंची और लंबे समय से कर बकाया रखने वाले भवन स्वामियों और दुकानदारों को तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के अनुसार सप्तसागर दवा मंडी क्षेत्र में लगभग 175 मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके मालिकों द्वारा कई वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं किया गया है। इन सभी प्रतिष्ठानों पर करीब ₹5 करोड़ से अधिक का संपत्ति कर बकाया है।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी संबंधित भवन स्वामियों और दुकानदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके साथ ही उन्हें बिल वितरित कर बकाया कर जमा करने के लिए लगातार आग्रह किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कर जमा नहीं किया गया। इसके बाद नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।

कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध भी जताया, लेकिन नगर निगम की टीम ने नियमानुसार तालाबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और भवन स्वामियों ने मौके पर ही अपना बकाया संपत्ति कर जमा कर दिया। कुल मिलाकर मौके पर ₹10.30 लाख की वसूली की गई।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान बकायेदारों ने आश्वासन दिया है कि वे 31 मार्च 2026 से पहले अपना शेष बकाया संपत्ति कर भी जमा कर देंगे। नगर निगम वाराणसी ने स्पष्ट किया है कि बकाया कर वसूली अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि निर्धारित समय तक कर जमा नहीं किया गया तो बड़े बकायेदारों के खिलाफ तालाबंदी सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।