वाराणसी में 74.52 करोड़ से बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, होटल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, विकास में मददगार बनेगा म्युनिसिपल बॉन्ड
वाराणसी। काशी की यातायात व्यवस्था और नगर निगम की आय को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के सात शहरों में शामिल वाराणसी नगर निगम ने म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर 50 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसके जरिए शहर के बीचों-बीच आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग, होटल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर कुल 74 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत आएगी, जिससे बनारस के व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ-साथ निगम की आय में भी बड़ा इजाफा होगा।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सिगरा और कबीरचौरा क्षेत्र में लगभग ढाई एकड़ भूमि पर दो बड़े कमर्शियल हब विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की तैयारी है, ताकि तय समयसीमा के भीतर आमजन को इनका लाभ मिल सके। नगर निगम ने इन दोनों योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड से 50 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
सिगरा स्टेडियम के पास 40.52 करोड़ रुपये की लागत से ‘जी प्लस-6’ बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। करीब 2600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाली इस इमारत में अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा होगी, जिसमें 56 कारें और 22 दोपहिया वाहन एक साथ खड़े किए जा सकेंगे। इस प्रोजेक्ट से नगर निगम को प्रतिमाह लगभग 65 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। इससे सिगरा जैसे व्यस्त इलाके में पार्किंग की समस्या काफी हद तक दूर होगी।
वहीं कबीरचौरा रोड स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में 34 करोड़ रुपये की लागत से जी प्लस-2 कमर्शियल भवन का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना भी लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसके लिए नगर निगम ने पूर्व में 25 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी किया था। इस कॉम्प्लेक्स से निगम को प्रतिमाह करीब 35 लाख रुपये की संभावित आय होने की उम्मीद है।
जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, बॉन्ड की राशि करीब 50 महीनों में ही वसूल हो जाएगी। निगम इन कॉम्प्लेक्स की दुकानों को बाजार दर पर 30 साल की लीज पर देने की योजना बना रहा है, जिसमें समय-समय पर किराए में वृद्धि का भी प्रावधान रहेगा। दोनों परियोजनाओं से मिलाकर निगम को हर महीने एक करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। हालांकि बॉन्ड की राशि सात साल बाद लौटाई जानी है, लेकिन अनुमान है कि इस अवधि में निगम को कुल 84 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी। इस तरह यह परियोजना काशी के विकास के साथ-साथ नगर निगम के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगी।