सनातन संस्कृति में मातृशक्ति का सर्वोच्च स्थान : डॉ. नीलकंठ तिवारी ने शहर दक्षिणी की 1500 महिलाओं का पुष्पवर्षा और अंगवस्त्रम देकर किया सम्मान

वाराणसी। शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में वासंतिक नवरात्र के पावन अवसर पर मातृशक्ति अभिनंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 1500 से अधिक महिलाओं का सम्मान किया गया। इस दौरान पुष्पवर्षा कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर मातृशक्ति का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
 

वाराणसी। शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में वासंतिक नवरात्र के पावन अवसर पर मातृशक्ति अभिनंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 1500 से अधिक महिलाओं का सम्मान किया गया। इस दौरान पुष्पवर्षा कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर मातृशक्ति का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

रामकटोरा स्थित सरोजा पैलेस में हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम रामकटोरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व शहर दक्षिणी विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। वर्ष 2017 से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम इस बार 15वें वर्ष में पहुंच गया है, जो नवरात्र के अवसर पर एक परंपरा बन चुका है।

“सनातन संस्कृति में मातृशक्ति सर्वोच्च” : डॉ. नीलकंठ तिवारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि सनातन संस्कृति में मातृशक्ति का सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति केवल जननी ही नहीं, बल्कि पालनकर्ता और शक्ति का प्रतीक भी है। वैदिक काल में भी वेदों की रचना में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है और हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं।

मुख्य अतिथि ने गिनाईं महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियां
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें राजनीतिक क्षेत्र में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी शामिल है।

मां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में मातृशक्ति का महत्व
भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि मातृशक्ति ही समाज को दिशा देती है। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा शक्ति प्रदान करती हैं, मां सरस्वती विद्या देती हैं और मां लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्री हैं। वहीं पूर्व महापौर मृदुला जायसवाल ने कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

फलाहार वितरण और सांस्कृतिक माहौल
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को फलाहार वितरित किया गया और पूरे आयोजन में धार्मिक व सांस्कृतिक वातावरण बना रहा। संचालन नेहा कक्कड़ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन साधना वेदांती द्वारा किया गया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग रहे मौजूद
इस आयोजन में गुजरात के पूर्व विधायक जगदीश पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में महिलाएं व पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा दिया, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी दिया।

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