मदर्स डे : आईपीएस अधिकारियों और नर्सों ने मां को बताया जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा

मदर्स डे के अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं, आईपीएस अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी मां के प्रति सम्मान और भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है। सभी ने एक स्वर में कहा कि मां का प्रेम, त्याग और संघर्ष ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ी ताकत बना है।
 

वाराणसी। मदर्स डे के अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं, आईपीएस अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी मां के प्रति सम्मान और भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है। सभी ने एक स्वर में कहा कि मां का प्रेम, त्याग और संघर्ष ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ी ताकत बना है।

इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष गीता विश्वकर्मा, आईपीएस अधिकारी नम्रिता श्रीवास्तव, लिपि नगायच और मानसी दहिया के साथ पंडित दीनदयाल अस्पताल में कार्यरत नर्स स्नेहा सिंह, मधुलिका देवी और रेनू यादव ने अपनी मां से जुड़ी भावुक यादें साझा कीं।

महिला आयोग की अध्यक्ष गीता विश्वकर्मा ने कहा कि मां ही उनकी पूरी दुनिया थीं। उन्होंने जीवन में अनुशासन, संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा अपनी मां से ही सीखी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में मां का योगदान सबसे बड़ा होता है और मां के संस्कार ही व्यक्ति को सही दिशा देते हैं।

आईपीएस अधिकारी नम्रिता श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने अपनी मां से ईमानदारी और मेहनत करना सीखा। मां ने हमेशा उनके सपनों को महत्व दिया और पढ़ाई-लिखाई में पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में मां ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

आईपीएस अधिकारी लिपि नगायच ने कहा कि उन्होंने अपनी मां से दयालुता और संवेदनशीलता सीखी है। मां ने बेहद प्यार और स्नेह से उनकी परवरिश की। उन्होंने कहा कि मां का व्यवहार हमेशा दूसरों की मदद करने वाला रहा और उनका प्रकृति एवं जानवरों के प्रति प्रेम भी प्रेरणादायक है।

वहीं आईपीएस मानसी दहिया ने अपनी मां को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति उन्हें अपनी मां से ही मिली है। पंडित दीनदयाल अस्पताल की नर्स स्नेहा सिंह ने कहा कि मां जीवन की पहली शिक्षक होती है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मां की सीख और अनुभव उनके बहुत काम आए। 

वहीं रेनू यादव ने कहा कि मां का स्थान कोई नहीं ले सकता। मां से ही संघर्ष और हिम्मत की सीख मिलती है। मधुलिका देवी ने भी कहा कि जीवन के हर मोड़ पर मां की सीख मार्गदर्शन करती है। मदर्स डे के अवसर पर सभी ने लोगों से अपनी मां का सम्मान करने और उनके त्याग को कभी न भूलने की अपील की।