विधानसभा चुनाव से पहले पूर्ण होंगी काशी की अधिकांश पर्यटन परियोजनाएं, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अफसरों को दिए निर्देश 

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मंडल आयुक्त सभागार में वाराणसी मंडल के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयाल', राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
 

वाराणसी। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मंडल आयुक्त सभागार में वाराणसी मंडल के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयाल', राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक के बाद पर्यटन मंत्री ने बताया कि वाराणसी मंडल में संचालित सभी स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई पर्यटन परियोजनाओं पर जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और शासन स्तर के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया गया है और उन्हें शीघ्र स्वीकृति दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अधिक से अधिक पर्यटन परियोजनाएं धरातल पर दिखाई दें। जो योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, उन्हें भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि प्रदेश की विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच सके।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आस्था से जुड़े स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।