62.83 हेक्टेयर में बनेगी आधुनिक मढ़नी टाउनशिप: मंडलायुक्त का सख्त निर्देश- समय पर पूरा हो ‘मॉडल प्रोजेक्ट’

वाराणसी। शहर के शहरी विस्तार को नई दिशा देने वाली मढ़नी टाउनशिप परियोजना को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है। शुक्रवार को एस. राजलिंगम (मंडलायुक्त) और वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता व समयसीमा को लेकर कड़े निर्देश दिए।
 

वाराणसी। शहर के शहरी विस्तार को नई दिशा देने वाली मढ़नी टाउनशिप परियोजना को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है। शुक्रवार को एस. राजलिंगम (मंडलायुक्त) और वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता व समयसीमा को लेकर कड़े निर्देश दिए।

तेजी से आगे बढ़ रही आवासीय योजना
मढ़नी क्षेत्र में विकसित हो रही इस आवासीय योजना का कुल क्षेत्रफल 62.83 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 82 आराजी का क्रय किया जा चुका है, जबकि 2.3053 हेक्टेयर भूमि लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त की गई है। यह परियोजना वाराणसी के विस्तार और व्यवस्थित शहरी विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क, जल निकासी, बिजली आपूर्ति, हरित क्षेत्र और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मॉडल टाउनशिप के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना को इस तरह तैयार किया जाए कि यह नागरिकों को आधुनिक और सुव्यवस्थित जीवन का अनुभव दे सके।

गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्ती
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजना के सभी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यों में तेजी लाने और बाधाओं को तुरंत दूर करने पर जोर दिया।

‘आदर्श टाउनशिप’ बनाने का लक्ष्य
उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के साथ निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मढ़नी टाउनशिप को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, जो क्षेत्रीय विकास का उदाहरण बने। इस अवसर पर प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, नगर नियोजक प्रभात कुमार समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

यह परियोजना न केवल वाराणसी के शहरी स्वरूप को आधुनिक बनाएगी, बल्कि भविष्य में आवासीय सुविधाओं के नए मानक भी स्थापित करेगी।