आनंद काशी टाउनशिप में 1.5 हेक्टेयर में विकसित होगा मियावाकी वन, माह के अंत तक शुरू होगा भूखंड पंजीकरण

पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बड़ी पहल की है। राजातालाब तहसील के मौजा कल्लीपुर में विकसित की जा रही महत्वाकांक्षी ‘आनंद काशी’ समेकित गेटेड टाउनशिप की बाउंड्री पर करीब 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने शुक्रवार को परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 

वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बड़ी पहल की है। राजातालाब तहसील के मौजा कल्लीपुर में विकसित की जा रही महत्वाकांक्षी ‘आनंद काशी’ समेकित गेटेड टाउनशिप की बाउंड्री पर करीब 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने शुक्रवार को परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजना की बाउंड्री से सटे क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से घना वन विकसित करने का निर्णय लिया गया। इस कार्य को सृजन सामाजिक विकास न्यास के सहयोग से कराया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में वन विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि संस्था के उपाध्यक्ष मदन राम चौरसिया मियावाकी तकनीक, पौधों के चयन और वृक्षारोपण को लेकर तकनीकी परामर्श देंगे।

वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि ‘आनंद काशी’ प्राधिकरण की करीब तीन दशक बाद विकसित की जा रही पहली समेकित गेटेड सिटी परियोजना है। परियोजना की परिकल्पना काशी की सांस्कृतिक और वैदिक विरासत को ध्यान में रखकर की गई है। टाउनशिप के कुल क्षेत्रफल का न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में मियावाकी वन को पर्यावरण संरक्षण की अहम पहल के रूप में शामिल किया गया है।

टाउनशिप में 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कों के साथ जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत व्यवस्था, वर्षा जल निकासी समेत आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास विभिन्न चरणों में जारी है। पहले चरण में लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में एक हजार से अधिक आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के अनुसार योजना का रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में है और जुलाई के अंत तक पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आवासीय भूखंडों की बिक्री और आवंटन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकेगी।

मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाला सघन वन टाउनशिप के साथ-साथ कल्लीपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी लाभकारी होगा। इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने, स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही यह पहल भूजल संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।