मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के वार्ड में दो सप्ताह से जलभराव, नगर निगम के जलनिकासी के दावों पर उठे सवाल, लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी
वाराणसी। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इसी क्रम में एमएलसी एवं मंत्री तथा लंबे समय तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे हंसराज विश्वकर्मा के वार्ड में भी करीब दो सप्ताह से जलभराव होने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक लंबे समय से पानी जमा होने के बावजूद प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड के कई हिस्सों में बारिश का पानी लंबे समय से सड़कों पर जमा है। बारिश होने के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क पर पानी भरा होने से पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते सड़क और आसपास के क्षेत्र की स्थिति भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
दो सप्ताह से समस्या, कार्रवाई को लेकर सवाल
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार जलभराव की समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि करीब दो सप्ताह से बनी हुई है। उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोगों को दिए जाने के बावजूद जल निकासी के लिए कोई स्थायी या प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालियों और सीवर की सफाई तथा जल निकासी के मार्गों की जांच कराई जानी चाहिए थी। समय रहते आवश्यक इंतजाम नहीं होने के कारण बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
स्मार्ट सिटी के दावों के बीच व्यवस्था पर सवाल
वाराणसी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के दावों के बीच किसी वार्ड में लगातार कई दिनों तक पानी जमा रहना नगर की जल निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। नागरिकों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों की समस्या भी बढ़ सकती है।
तत्काल जल निकासी की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर पंप लगाकर तत्काल जल निकासी कराने की मांग की है। साथ ही नालियों की सफाई और जल निकासी के रास्तों की जांच कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को वार्ड की जमीनी समस्याओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को लंबे समय तक जलभराव की परेशानी न झेलनी पड़े।