श्रमिकों के प्रदर्शन पर मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान: ‘विपक्ष की साजिश, पाकिस्तानी कनेक्शन की भी आशंका’
वाराणसी। दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन समाजवादी पार्टी और विपक्ष की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की छवि खराब करना और विकास कार्यों को बाधित करना है।
चुनाव नजदीक आते ही क्यों शुरू हुए प्रदर्शन?
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन पहले कभी नहीं हुए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जैसे ही चुनाव नजदीक आ रहे हैं, अचानक प्रदर्शन शुरू हो गए, जो विपक्ष की रणनीति को दर्शाता है।
बड़ी साजिश का हिस्सा’, रैली प्रभावित करने का आरोप
राजभर ने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित रैली को प्रभावित करने के लिए यह प्रदर्शन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ श्रमिकों का आंदोलन नहीं, बल्कि सरकार को बदनाम करने की कोशिश है।
सोशल मीडिया से भड़काने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भड़काया गया और अचानक भीड़ सड़कों पर उतारी गई। उन्होंने कहा कि यह स्वतःस्फूर्त आंदोलन नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित प्रयास है।
पाकिस्तानी कनेक्शन की जताई आशंका
मंत्री राजभर ने इस पूरे घटनाक्रम में बाहरी और भारत विरोधी ताकतों की भूमिका होने की भी आशंका जताई। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के पीछे फंडिंग हो सकती है और पाकिस्तान की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विपक्ष पर तीखा हमला
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष आपदा में अवसर तलाशता है और वोट बैंक की राजनीति करता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ घटनाओं के पीछे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सक्रिय रहते हैं और जनता को गुमराह किया जाता है।
समाधान का भरोसा
मंत्री ने कहा कि श्रमिक यूनियनों और अधिकारियों के बीच संवाद जारी है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।