वाराणसी में अधेड़ ने फांसी लगाकर दी जान, जमीन के विवाद से था परेशान, जांच में जुटी पुलिस 

भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित भदैनी इलाके में 48 वर्षीय रविराज उपाध्याय ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी भोर में उस समय हुई जब उनकी पत्नी रिंकी की नींद खुली और उन्होंने पति को कमरे में लटका देखा। परिजन रविराज को उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। 
 

वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित भदैनी इलाके में 48 वर्षीय रविराज उपाध्याय ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी भोर में उस समय हुई जब उनकी पत्नी रिंकी की नींद खुली और उन्होंने पति को कमरे में लटका देखा। परिजन रविराज को उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। 
 
घटना से घबराई पत्नी ने तुरंत अपने देवर शशिराज को सूचना दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और रविराज को फंदे से उतारकर तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। 

बताया जा रहा है कि रविराज उपाध्याय ज्योतिष और पंचांग का कार्य करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र क्रमशः आठ और छह वर्ष है। पिता की असमय मौत से दोनों बच्चियों के सिर से साया उठ गया है। परिजनों के अनुसार, रविराज पिछले करीब दो वर्षों से जमीन से जुड़े पारिवारिक विवाद को लेकर मानसिक तनाव में थे। यही तनाव उनके इस कदम की प्रमुख वजह माना जा रहा है। 

रविराज अपने दो भाइयों में बड़े थे और मूल रूप से सोनभद्र जिले के घोरावल के निवासी थे। हालांकि, वे लंबे समय से भदैनी में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और समय-समय पर खेती के सिलसिले में घोरावल भी जाते थे। बताया गया कि आत्महत्या से पहले रविराज ने मंगलवार और बुधवार को अपने कई परिचितों को फोन कर उनका हालचाल पूछा था, जिससे परिजन इस घटना से और भी स्तब्ध हैं।