वाराणसी में ट्रैफिक सुधार की मेगा योजना, मणिकर्णिका से सारनाथ तक विकसित होगी आधुनिक पार्किंग व्यवस्था

आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नगरी वाराणसी में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। शहर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए निगम ने पार्किंग, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने का निर्णय लिया है। इन योजनाओं के तहत मणिकर्णिका घाट, सारनाथ और पिशाचमोचन जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
 

वाराणसी। आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नगरी वाराणसी में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। शहर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को देखते हुए निगम ने पार्किंग, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने का निर्णय लिया है। इन योजनाओं के तहत मणिकर्णिका घाट, सारनाथ और पिशाचमोचन जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के निकट प्रस्तावित टू-व्हीलर पार्किंग शामिल है। घाट क्षेत्र में अनियंत्रित पार्किंग, बढ़ती भीड़ और स्थानीय सब्जी मंडी की अव्यवस्था लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। इसे देखते हुए निगम ने लगभग 48.88 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद घाट क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध हो सकेगा।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल सारनाथ में भी आधुनिक स्वचालित पार्किंग विकसित की जाएगी। प्रस्तावित स्लाइडिंग और पजल पार्किंग प्रणाली कम स्थान में अधिक वाहनों को खड़ा करने की सुविधा प्रदान करेगी। वर्तमान में पर्यटन सीजन और अवकाश के दिनों में सारनाथ क्षेत्र में जाम की समस्या आम हो जाती है। नई पार्किंग व्यवस्था से न केवल वाहनों का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि पर्यटकों को भी राहत मिलेगी। इससे क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

धार्मिक महत्व के केंद्र पिशाचमोचन कुंड को भी नगर निगम की विकास योजनाओं में शामिल किया गया है। यहां पितृपक्ष और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए लगभग 2.34 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। योजना के तहत आधुनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

इसके अलावा नगर निगम शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार शहर के 15 प्रमुख चौराहों के सुंदरीकरण की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। पहले चरण में करीब 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का कायाकल्प किया जा चुका है। वहीं मिंट हाउस और नदेसर तिराहे पर भी कार्य जारी है।

नगर निगम का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, पार्किंग की समस्या में कमी आएगी और धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल आधुनिक, सुव्यवस्थित और स्मार्ट वाराणसी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।