महापौर ने साकेत नगर में सीवर लाइन का किया निरीक्षण, बोले- गुणवत्ता ने समझौता बर्दाश्त नहीं
अमृत-2.0 के तहत 2161 करोड़ रुपये से 22 वार्डों में बिछेंगी सीवर और पेयजल पाइपलाइन, तय समय में काम पूरा करने के निर्देश
वाराणसी। शहर में सीवर और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर नगर निगम ने निगरानी तेज कर दी है। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने दुर्गाकुंड स्थित साकेत नगर में जल निगम की ओर से बिछाई जा रही सीवर लाइन के कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर निर्माण की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
महापौर ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि काम इस तरह कराया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना के दौरान निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
22 वार्डों में बदलेगा सीवर-पेयजल का ढांचा
नगर निगम के अनुसार, अमृत-2.0 योजना के तहत शहर के 22 वार्डों में सीवर और पेयजल से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए व्यापक स्तर पर बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर कुल 2161 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके तहत 353.13 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
परियोजना का उद्देश्य शहर के प्रभावित इलाकों में सीवर निकासी और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को बेहतर बनाना है। इससे संबंधित क्षेत्रों में पुरानी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
समयबद्ध कार्य पूरा कराने पर जोर
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। नगर निगम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी थी। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के 22 वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।