अब रविंद्रपुरी के साथ-साथ रोहनिया में भी जनता की फरियाद सुनेंगे महापौर अशोक तिवारी, शुरू हुई नई जनसुनवाई व्यवस्था
वाराणसी। शहर की जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महापौर अशोक कुमार तिवारी ने जनसुनवाई व्यवस्था का विस्तार किया है। अब वह प्रत्येक सोमवार को रोहनिया स्थित भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय में भी आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। नई व्यवस्था के तहत सोमवार को पहली बार आयोजित जनसुनवाई में महापौर ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
अब दो स्थानों पर होगी जनसुनवाई
महापौर अशोक कुमार तिवारी पहले से ही प्रत्येक मंगलवार को रविंद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय में जनसुनवाई करते रहे हैं। अब रोहनिया क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय में भी जनसुनवाई शुरू की गई है। इससे क्षेत्रीय लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
पहले दिन सुबह से दोपहर तक सुनीं समस्याएं
नई व्यवस्था के पहले दिन महापौर सुबह से दोपहर दो बजे तक जनसुनवाई में मौजूद रहे। इस दौरान वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। महापौर ने एक-एक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
जनता से सीधा संवाद मजबूत करेगा विश्वास
इस अवसर पर महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद लोकतंत्र को मजबूत बनाता है तथा विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों से भी जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने की अपेक्षा की।
सफाई, पेयजल और सड़कों से जुड़ी शिकायतें रहीं प्रमुख
जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक शिकायतें सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, पथ प्रकाश और सड़कों की समस्याओं से संबंधित प्राप्त हुईं। महापौर ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नई जनसुनवाई व्यवस्था से रोहनिया और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम का मानना है कि इससे जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनेगी।