करवा चौथ की आहट से गुलजार हुए बाजार, सौंदर्य प्रसाधन से लेकर पूजन सामग्री तक बढ़ी मांग
पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और पूजा की तैयारियों में जुटीं
वाराणसी। करवा चौथ के पर्व को लेकर काशी के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पर्व की तैयारियों में जुटी महिलाएं पूजन सामग्री, साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी कर रही हैं। बाजारों में दुकानदारों ने करवा, छलनी, दीपक, पूजा की थाली और अन्य जरूरी सामान सजा रखे हैं। पर्व नजदीक आने के साथ दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ रही है। इससे कारोबारियों को भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं और दिनभर उपवास रखती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना और कथा श्रवण के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं।
सोलह शृंगार के लिए दुकानों पर बढ़ी चहल-पहल
करवा चौथ पर सोलह शृंगार का विशेष महत्व माना जाता है। इसे देखते हुए महिलाएं अपनी पसंद और परंपरा के अनुसार साड़ी, लहंगा, चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, काजल, मंगलसूत्र, पायल और अन्य शृंगार सामग्री खरीद रही हैं। कई महिलाएं हाथों में मेहंदी लगवाने की तैयारी भी कर रही हैं। चूड़ी, आभूषण और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर पर्व से संबंधित खरीदारी का माहौल दिखाई दे रहा है।
पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा करने की मान्यता के चलते कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। महिलाएं पूजा की तैयारियों के साथ अपने शृंगार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी भी पूरी करने में जुटी हैं।
करवा, छलनी और दीपक की मांग
पूजन सामग्री की दुकानों पर मिट्टी और धातु के करवा, दीपक, पूजा की थाली, छलनी और जल अर्पित करने के पात्र उपलब्ध हैं। इसके अलावा रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, चंदन, फूल, फल, मिठाई, धूप-अगरबत्ती, रुई की बत्ती और अन्य सामग्री की भी खरीदारी हो रही है। पूजा की परंपरा के अनुसार महिलाएं सुपारी, पान, नारियल, कलावा और दक्षिणा जैसी वस्तुएं भी ले रही हैं। परिवारों और क्षेत्रों की परंपराओं के अनुसार पूजा सामग्री में अंतर हो सकता है। ऐसे में महिलाएं अपनी धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के मुताबिक सामान जुटा रही हैं।
चंद्र दर्शन के बाद करेंगी व्रत का पारण
करवा चौथ की शाम महिलाएं शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करती हैं तथा व्रत कथा सुनती हैं। रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद महिलाएं व्रत का पारण करती हैं।
पर्व को लेकर बाजारों में बढ़ती रौनक से उत्सवी माहौल बनने लगा है। खरीदारी की बढ़ती गतिविधियों के बीच दुकानदारों को कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, महिलाएं पूजा और शृंगार की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।