वाराणसी में जलभराव पर बड़ी कार्रवाई, जल निगम एक्सईएन निलंबित

शहर में जलभराव की समस्या को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड (विद्युत/यांत्रिक), वाराणसी में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी पर पंपों के संचालन में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
 

चौकाघाट पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी के पंप समय से नहीं चलाने का मामला, नगर विकास मंत्री एके शर्मा की नाराजगी के बाद कार्रवाई

वाराणसी। शहर में जलभराव की समस्या को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड (विद्युत/यांत्रिक), वाराणसी में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है। चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी पर पंपों के संचालन में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

मंत्री के निरीक्षण के बाद तय हुई जवाबदेही
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी भ्रमण के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने स्पष्ट किया था कि जलभराव के कारण आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट या बैरियर लगाए जाने के संबंध में अधिशासी अभियंता की ओर से आगणन सहित कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

पंप बंद रहने से बढ़ा सीवर लाइनों पर दबाव
विभागीय जानकारी के अनुसार, 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन तथा गोईठहां एसटीपी पर स्थित पंप बंद रहे। भारी बारिश के दौरान समय से पंप संचालित नहीं होने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक दबाव पड़ा। इसके चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


कानपुर कार्यालय से रहेंगे संबद्ध
निलंबन के साथ मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। मंत्री एके शर्मा ने कहा कि जनसमस्याओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पंपिंग स्टेशनों और नालों की प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।