महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ : गार्जियन आएंगे तभी मिलेगा हॉस्टल, समर्थ पोर्टल से करना होगा ऑनलाइन आवेदन
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास आवंटन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब छात्र को हॉस्टल का कमरा तभी आवंटित किया जाएगा, जब उसके माता-पिता में से कोई एक अथवा अधिकृत अभिभावक आवंटन के समय उपस्थित रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्र-छात्राओं को छात्रावास के लिए समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान अभिभावकों को भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। छात्रावास आवंटन के समय अभिभावक से शपथ पत्र भी लिया जाएगा, जिसमें छात्र के आचरण और नियमों के पालन संबंधी सहमति दर्ज होगी। इसके बाद ही संबंधित छात्र को हॉस्टल का कमरा आवंटित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के मुख्य अधिष्ठाता प्रो. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि छात्रावास में प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल पर आवेदन करने के दौरान अभिभावकों की जानकारी और आधार कार्ड भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। काशी विद्यापीठ परिसर में कुल 285 छात्रावास कक्ष उपलब्ध हैं। इनमें महिला छात्रावास के 51 कमरे, एलएलबी हॉस्टल के 77 कमरे, पीजी बॉयज हॉस्टल के 20 कमरे तथा नई हॉस्टल के 137 कमरे शामिल हैं। इन कमरों का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम वर्ष के साथ-साथ पीजी द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं से भी छात्रावास के लिए आवेदन की तैयारी शुरू करने को कहा है। हाल के दिनों में छात्रावासों में हुई कुछ घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने विद्यार्थियों से समय रहते समर्थ पोर्टल पर आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने की अपील की है, ताकि छात्रावास आवंटन प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सके।