काशी में रामभक्ति का महासमागम : श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेकम महोत्सव’ का भव्य समापन
वाराणसी। काशी के मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र में आयोजित ‘श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेकम महोत्सव’ का समापन भक्ति और वैदिक अनुष्ठानों की भव्यता के बीच संपन्न हुआ। भगवान राम और सीता की आराधना में डूबे इस 11 दिवसीय महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
श्री रामतारक आंध्रा आश्रम परिसर में आयोजित इस महोत्सव के समापन सत्र में सहस्त्रनाम के उच्चारण से वातावरण गूंज उठा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए वैदिक विद्वानों ने श्री राम सहस्त्रनाम के एक लाख मंत्रों का जाप करते हुए लक्ष तुलसी दल से प्रभु का विशेष हरियाली श्रृंगार किया। यह दृश्य श्रद्धा और आस्था का अद्भुत उदाहरण बन गया।
महोत्सव का एक विशेष आकर्षण 2500 सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा किया गया कुंकुमार्चन रहा। इन महिलाओं ने देवी सीता को कुमकुम अर्पित कर उनका पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अनुष्ठान ने पूरे आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
महोत्सव के मुख्य आचार्य उलीमिरी सोमायाजुल ने यज्ञ मंडप में अंतिम आहुति अर्पित कर अनुष्ठान का विधिवत समापन किया। उन्होंने राजसिंहासन पर विराजमान श्री राम-सीता के चरणों में स्तुतियां अर्पित कीं और बताया कि परंपरा के अनुसार प्रत्येक चौथे वर्ष महासाम्राज्य पट्टाभिषेक का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
इस दौरान यज्ञ के मुख्य यजमान एवं आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वी.वी. सुंदर शास्त्री ने सभी देवताओं की आरती उतारी। कार्यक्रम का संचालन आश्रम के प्रबंधक वी.वी. सीताराम ने किया। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
महोत्सव के उपलक्ष्य में 30 मार्च की शाम 4:30 बजे ‘श्री राम पंचायतन’ की भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जो पूरे क्षेत्र में आस्था का संदेश फैलाएगी। इस आयोजन में ऐन रामचंद्र मूर्ति, अंजनेय मूर्ति, मार्कण्डेय शास्त्री, कुमार अजय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने काशी की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।