राजसी खादी पोशाक पहनकर विराजेंगे महादेव, रंगभरी एकादशी पर नवग्रह से बनी लकड़ी की पालकी पर निकलेगी बाबा की भव्य शोभायात्रा
वाराणसी। महाशिवरात्रि पर बाबा के विवाहोत्सव के बाद अब रंगभरी एकादशी की पालकी शोभायात्रा की तैयारी शुरू हो गई है। रंगभारी एकादशी पर महादेव नवग्रह की लकड़ी से बनी भव्य पालकी पर राजसी खादी पोशाक पहनकर विराजमान होंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास गौरा सदनिका पर मंगल गीत गूजेंगे। वहीं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी। पूर्व महंत आवास पर आयोजन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
नवग्रह की लकड़ी से बनी पालकी के पट्टम का रंग-रोगन कराया जा रहा है। वहीं पुरानी पालकी की साफ-सफाई और मरम्मत हो रही है। इसी पालकी में महादेव और माता गौरा विराजमान होंगे। महादेव और माता पार्वती के विवाहोत्सव के बाद अब माता गौरा का गौना होगा। गौरा के गौने की तैयारियां चल रही हैं। आंगन में हल्दी की सुवास, मंगल गीतों की गूंज और श्रृंगार की चहल-पहल से वातावरण उत्सवमय हो गया है।
रंगभरी एकादशी पर महादेव पूरे परिवार के साथ पालकी पर सवार होकर निकलेंगे। उनके साथ माता पार्वती और भगवान गणेश भी विराजमान रहेंगे। इस अनूठे आयोजन के आयोजक वाचस्पति तिवारी ने बताया कि 24 फऱवरी मंगलवार से चार दिवसीय लोकाचार का शुभारंभ माता गौरा के तेल-हल्की अनुष्ठान से होगा। गौनहरियों की टोली पारंपरिक गीतों से इस अनुष्ठान को और जीवंत बनाएगी।
राजसी खादी की पोशाक में बाबा का श्रृंगार
गौने के दिन बाबा की चल प्रतिमा को परंपरागत खादी से विशेष रूप से तैयार कराई गई राजसी पोशाक पहनाई जाएगी। इसमें काशी की पारंपरिक बुनावट और सादगी का संगम होगा। माता गौरा का श्रृंगार भी विशेष अलंकरणों और वस्त्रों से किया जाएगा। शोभायात्रा में सपरिवार बाबा के दर्शन को पूरी काशी उमड़ पड़ेगी।