काशी में संत-महंतों की महाबैठक, भगवा पहनकर राजनीति पर आक्रोश, आंदोलन का ऐलान, राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद की गिरफ्तारी की मांग
वाराणसी। संसद भवन परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर विपक्षी नेताओं द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन को लेकर संत समाज ने कड़ा विरोध जताया है। रविवार को काशी में अखिल भारतीय संत समिति की महाबैठक आयोजित हुई, जिसमें विश्व हिन्दू परिषद सहित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ देशभर से आए संतों ने भाग लिया। बैठक में इस मुद्दे को सनातन समाज की भावनाओं से जोड़ते हुए व्यापक आंदोलन का ऐलान किया गया।
बैठक के दौरान संत समाज ने आरोप लगाया कि भगवा केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, त्याग और आध्यात्मिक जीवन का प्रतीक है। ऐसे में राजनीतिक विरोध के लिए भगवा धारण कर प्रदर्शन करना करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। संतों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि संसद परिसर में जो घटनाक्रम हुआ, उससे पूरे देश के संत समाज में गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराना था तो उसके अन्य लोकतांत्रिक तरीके मौजूद थे, लेकिन भगवा वस्त्र का राजनीतिक इस्तेमाल करना अनुचित है।
बैठक में संत समाज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद की गिरफ्तारी की मांग उठाई। संतों का कहना था कि इन नेताओं की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर चंदा प्रकरण में किसी भी संत पर कोई आरोप नहीं है, इसके बावजूद विपक्ष द्वारा संत समाज और सनातन परंपरा को निशाना बनाने का प्रयास किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
संतों ने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में "सनातन शंखनाद" अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही भगवा पहनकर कथित रूप से "नाटक" करने वालों के खिलाफ भी देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। विपक्षी दलों के नेताओं के विरोध-प्रदर्शन पर पातालपुरी मठ के महंत बालकदास ने भी आक्रोश जताया।
बैठक में यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन और सरकार स्तर पर संत समाज की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मामला न्यायालय तक ले जाया जाएगा। संत समाज ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। संतों ने इसे सनातन सम्मान की लड़ाई बताते हुए कहा कि इस बार आंदोलन आर-पार का होगा और पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।