बृजेश गंझू एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, रामनगर में एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर

टीएसपीसी के कथित मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 की रात वाराणसी में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान बृजेश गंझू की मृत्यु हुई थी।
 

वाराणसी। टीएसपीसी के कथित मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 की रात वाराणसी में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान बृजेश गंझू की मृत्यु हुई थी।

मजिस्ट्रियल जांच का उद्देश्य मुठभेड़ की परिस्थितियों और उससे जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पड़ताल करना है। जांच अधिकारी ने घटना के संबंध में जानकारी रखने वाले लोगों से साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने की अपील की है।

24 अक्तूबर तक दे सकेंगे बयान व साक्ष्य
अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) के न्यायालय में संबंधित व्यक्ति 24 अक्तूबर 2026 तक अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। इच्छुक लोग लिखित अथवा मौखिक रूप से अपना पक्ष और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य जांच अधिकारी के समक्ष पेश कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य देना होगा।

झारखंड के चतरा का रहने वाला था बृजेश
बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला बताया गया है। उसका संबंध लावालौंग थाना क्षेत्र से बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उसे टीएसपीसी संगठन से जुड़े प्रमुख सदस्य के रूप में बताया गया था।

जांच के दौरान घटना से संबंधित परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, लोगों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले बयान और दस्तावेज जांच का हिस्सा होंगे। मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद उसके निष्कर्ष सक्षम स्तर पर प्रस्तुत किए जाएंगे।