मां शीतला का हुआ भव्य श्रृंगार, शहनाई-बांसुरी की सुरलहरियों से गूंजा मंदिर

रामापुरम स्थित श्री श्री शीतला माता मंदिर में रविवार को मां शीतला का भव्य श्रृंगार और विशेष धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के बीच शहनाई व बांसुरी की सुरलहरियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
 

108 नारियल अर्पित कर कराया गया मां का विशेष श्रृंगार, भक्ति गीतों और झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

रामापुरम स्थित श्री श्री शीतला माता मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन, श्रद्धा और उल्लास 

वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और शहनाई-बांसुरी की मधुर धुनों से सराबोर रहा मंदिर परिसर 

वाराणसी। रामापुरम स्थित श्री श्री शीतला माता मंदिर में रविवार को मां शीतला का भव्य श्रृंगार और विशेष धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। वैदिक मंत्रोच्चार और आरती के बीच शहनाई व बांसुरी की सुरलहरियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

पूर्व महानगर अध्यक्ष नीरज दुबे के पुत्र चंदन दुबे ने मां शीतला की विशेष आरती की। इसके बाद 108 नारियल अर्पित कर मां का भव्य श्रृंगार कराया गया। मां को आकर्षक वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया। मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने मां के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।

धार्मिक अनुष्ठान के बाद गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भक्ति के साथ सांस्कृतिक रंग भी भर दिया। शहनाई वादन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य कलाकार पं. महेंद्र प्रसन्न ने राग अमन की बंदिश प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद उन्होंने भक्ति गीतों की प्रस्तुति से माहौल को और भक्तिमय बना दिया।

बांसुरी वादक रविशंकर ने पहाड़ी धुन की मधुर प्रस्तुति दी। शहनाई और बांसुरी की सुरलहरियों से मंदिर परिसर देर तक गूंजता रहा। इसके बाद विजय वाल्मीकि की ओर से प्रस्तुत झांकी ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।

आयोजन में पंडित संजय दुबे, चंदन दुबे, रामगोपाल वर्मा, पार्षद एवं संरक्षक विजय वाजपेयी, सुक्कू गुप्ता, बेला दीदी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। समापन पर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने मां शीतला से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।