अधिवक्ता सुरक्षा कानून और कैशलेस इलाज की मांग को लेकर वाराणसी में वकील लामबंद, दिया धरना 

अधिवक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गुरुवार को वाराणसी में सेंट्रल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह की अगुवाई में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम पोर्टिको पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया। इस दौरान अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट और कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करने की मांग की। 
 

वाराणसी। अधिवक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गुरुवार को वाराणसी में सेंट्रल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह की अगुवाई में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम पोर्टिको पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया। इस दौरान अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट और कैशलेस इलाज की सुविधा लागू करने की मांग की। 

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। वकीलों का कहना है कि प्रदेश में लगातार अधिवक्ताओं पर हमले और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे उनके पेशे और सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि हाल ही में मिर्जापुर में एक अधिवक्ता की हत्या सहित कई घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कानून बनाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट न सिर्फ वकीलों की सुरक्षा देगा, बल्कि न्याय व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने एक अन्य महत्वपूर्ण मांग भी उठाई। उनका कहना था कि प्रदेश सरकार द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा लागू की जा चुकी है, लेकिन अधिवक्ताओं को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि न्यायिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होने के बावजूद वकीलों के लिए यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही।

उन्होंने बताया कि यह फिलहाल एक दिन का सांकेतिक धरना है, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही सेंट्रल बार एसोसिएशन की अगुवाई में प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जिले-जिले जाकर समर्थन जुटाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।