कचहरी विस्तार को लेकर वाराणसी में वकीलों का आंदोलन तेज, वकीलों ने दिया धरना, बनारस क्लब खाली कराने की मांग
वाराणसी। कचहरी परिसर के विस्तार की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बनारस बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है और प्रशासन से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ल की अगुवाई में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कचहरी के विस्तार का प्रस्ताव साधारण सभा में सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि बढ़ते मुकदमों और सीमित संसाधनों के चलते वर्तमान कचहरी परिसर में कामकाज प्रभावित हो रहा है। अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों को ही जगह की कमी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए अधिवक्ताओं ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। वर्तमान में वकील कचहरी परिसर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा के पास धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग है कि कचहरी के आसपास स्थित महत्वपूर्ण सरकारी भूमि को न्यायिक परिसर में शामिल किया जाए। इसमें बनारस क्लब, उद्यान विभाग की जमीन तथा कमिश्नर के लगभग 20 बीघा आवासीय परिसर को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी भूमि का उपयोग सीमित लोगों तक ही सिमटा हुआ है, जबकि इसे जनहित में उपयोग कर न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि आज देश स्वतंत्र है और व्यवस्थाओं को भी आम जनता की सुविधा और न्याय तक आसान पहुंच को ध्यान में रखकर विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता को सुलभ, पारदर्शी और त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
धरना-प्रदर्शन कचहरी क्षेत्र में बनारस क्लब के सामने आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रशासनिक स्तर पर घेराव जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।