श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा तट पर फिर शुरू हुआ लेजर शो, काशी की आध्यात्मिक विरासत और शिव महात्म्य से वाकिफ होंगे दर्शक

आध्यात्मिक नगरी काशी में एक बार फिर भव्यता और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा घाट पर आकर्षक लेज़र शो का पुनः शुभारंभ कर दिया गया है। इस शो के शुरू होते ही घाट का वातावरण रंग-बिरंगी रोशनी और ध्वनि के अद्भुत संयोजन से जीवंत हो उठा है। इस लेज़र शो को पहले देश के सर्वश्रेष्ठ लेज़र शो का अवॉर्ड भी मिल चुका है।
 

वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में एक बार फिर भव्यता और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा घाट पर आकर्षक लेज़र शो का पुनः शुभारंभ कर दिया गया है। इस शो के शुरू होते ही घाट का वातावरण रंग-बिरंगी रोशनी और ध्वनि के अद्भुत संयोजन से जीवंत हो उठा है। इस लेज़र शो को पहले देश के सर्वश्रेष्ठ लेज़र शो का अवॉर्ड भी मिल चुका है।

इस प्रस्तुति में काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अत्यंत मनोहारी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। खासतौर पर ललिता घाट और उससे जुड़े गौरवशाली अतीत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाया गया है। करीब 10 मिनट की अवधि वाले इस शो में प्रकाश और ध्वनि का शानदार समन्वय दर्शकों को एक अलग ही अनुभव कराता है।

पिछले वर्ष गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण लेज़र शो की मशीनें पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से उपकरणों में सिल्ट भर गई थी, जिससे वे पूरी तरह निष्क्रिय हो गए थे। ऐसे में इन मशीनों को दोबारा चालू करना एक बड़ी तकनीकी चुनौती बन गया था।

इस कठिन कार्य को सफल बनाने के लिए मंदिर न्यास ने मुंबई से विशेषज्ञ तकनीशियनों की टीम को बुलाया और विभिन्न संस्थानों के सहयोग से मशीनों को फिर से संचालन योग्य बनाया। उनके प्रयासों से अब यह शो पहले की तरह पूरी गुणवत्ता के साथ फिर से शुरू हो सका है।

इसी बीच मंदिर घाट पर सायंकालीन गंगा आरती भी नियमित रूप से आयोजित की जा रही है, जो कम समय में ही श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो चुकी है। अब लेज़र शो के जुड़ने से घाट की भव्यता और आकर्षण और भी बढ़ गया है।

लेज़र शो प्रतिदिन गंगा आरती के तुरंत बाद आयोजित किया जाएगा। पुनः शुरू हुए इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। सभी ने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे काशी का एक प्रमुख आकर्षण बताया है। मंदिर न्यास द्वारा किए जा रहे ऐसे नवाचार श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी समृद्ध बना रहे हैं।