केटीएस 4.0 : तमिलनाडु छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सारनाथ में बौद्ध धरोहर का किया अवलोकन

काशी तमिल संगमम (केटीएस) 4.0 के तहत मंगलवार को तमिलनाडु से आए छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सारनाथ का भ्रमण किया। इस दौरान भारत की प्राचीन बौद्ध विरासत का अवलोकन कर इतिहास और संस्कृति की गहराइयों को करीब से समझा। 
 

वाराणसी। काशी तमिल संगमम (केटीएस) 4.0 के तहत मंगलवार को तमिलनाडु से आए छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सारनाथ का भ्रमण किया। इस दौरान भारत की प्राचीन बौद्ध विरासत का अवलोकन कर इतिहास और संस्कृति की गहराइयों को करीब से समझा। 

छात्रों ने सबसे पहले सारनाथ संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्होंने मौर्यकालीन धरोहरों को रुचि से देखा। संग्रहालय में प्रदर्शित अशोक स्तंभ का सिंह चतुर्मुख शीर्ष जो देश का राष्ट्रीय प्रतीक भी है, उनके आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्राचीन मूर्ति की कलात्मकता और ऐतिहासिक महत्ता ने छात्रों को अत्यंत प्रभावित किया।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल धर्मेक स्तूप पहुंचा, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था। इस स्थल के आध्यात्मिक वातावरण और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने छात्रों को बौद्ध धर्म की जड़ों और उसके वैश्विक प्रभाव को समझने का अवसर प्रदान किया।

छात्रों ने इस यात्रा को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे उत्तर और दक्षिण भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और गहरे ऐतिहासिक संबंधों को समझने में मदद मिली। उन्होंने इसे ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने वाला अनुभव बताया।