बीएचयू में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, गोकुलधाम बना त्रिवेणी संकुल, मालवीय भवन से छात्रावासों तक गूंजा ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। मालवीय भवन से लेकर विभिन्न छात्रावासों और विभागों तक कृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। कहीं झूलनोत्सव और पूजन-अर्चन हुआ तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला, गीता उपदेश और विश्वरूप दर्शन पर आधारित झांकियां सजाई गईं। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष से परिसर भक्तिमय हो उठा।
मालवीय भवन में आयोजित मुख्य समारोह में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी मुख्य अतिथि रहे। मानित निदेशक प्रो. पतंजलि मिश्र की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को सजे पालने में विराजमान कराया गया। श्री विश्वनाथ मंदिर के पुजारी ने पूजन-अर्चन कराया। इसके बाद श्रीकृष्ण कथा-प्रवचन और झूलनोत्सव हुआ। कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
छात्राओं की मेहनत से त्रिवेणी संकुल बना गोकुलधाम
त्रिवेणी संकुल में छात्राओं ने करीब एक माह की मेहनत से आकर्षक झांकियां तैयार कीं। माखन चोरी, रासलीला, मित्रता और गोकुल के ग्रामीण परिवेश को झांकियों के माध्यम से जीवंत किया गया। छात्राओं ने स्वयं विभिन्न पात्रों के स्वरूप धारण कर प्रेम, मित्रता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। मटके, हांडी, प्राचीन घर और ग्रामीण परिवेश ने पूरे परिसर को गोकुलधाम का रूप दे दिया। कुलपति ने झांकियों का अवलोकन कर छात्राओं की रचनात्मकता और मेहनत की सराहना की।
शिक्षा संकाय में विषय आधारित झांकियां बनीं आकर्षण
शिक्षा संकाय में पूजन के बाद भजन, श्लोक-पाठ, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां हुईं। विभिन्न सदनों ने ‘श्रीकृष्ण लीला’, ‘कान्हा और वंशी का प्रथम मिलन’, ‘द्वारिकाधीश’, ‘उद्धव का हृदय परिवर्तन’, ‘गीता उपदेश’ और ‘विश्वरूप दर्शन’ पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कीं। पूतना वध की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। झांकियों का विषय-वस्तु, रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण, अभिनय और कलात्मकता के आधार पर मूल्यांकन भी किया गया।
विभिन्न छात्रावासों में भी रही कृष्ण भक्ति की धूम
महिला महाविद्यालय, रुइया संस्कृत ब्लॉक, अंतरराष्ट्रीय महिला छात्रावास, एसएनपीजी, न्यू डॉक्टर्स गर्ल्स हॉस्टल, रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास, प्रबंध अध्ययन छात्रावास सहित अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम हुए। सेंट्रल हिंदू ब्वायज स्कूल, कमच्छा में कारागार, नंदग्राम, झूला, मटकी फोड़, गोवर्धन पर्वत और मल्लयुद्ध की झांकियां सजाई गईं। कुलपति ने श्री विश्वनाथ मंदिर में पूजन कर झांकी का अवलोकन भी किया।
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