लद्दाख की 20 अनछुई चोटियों की फतह के बाद रक्षा मंत्री से मिले काशी के राकेश यादव, लद्दाख में 23 दिन तक चला ऐतिहासिक अभियान
राकेश ने 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों का किया पहला दर्ज आरोहण
NIMAS की 20 सदस्यीय टीम में शामिल रहे वाराणसी के पर्वतारोही राकेश यादव, नई दिल्ली में राजनाथ सिंह ने की मुलाकात
वाराणसी। काशी के पर्वतारोही राकेश यादव ने लद्दाख में आयोजित ऐतिहासिक पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा बनकर वाराणसी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। 23 दिनों तक चले अभियान में 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 अनछुई चोटियों का पहला दर्ज आरोहण करने के बाद अभियान दल ने 25 सितंबर को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। रक्षा मंत्री ने पर्वतारोहियों के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए अभियान की उपलब्धि को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
NIMAS की टीम ने रचा इतिहास
यह अभियान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS), दिरांग की 20 सदस्यीय टीम ने पूरा किया। अभियान का नेतृत्व कर्नल रणवीर सिंह जामवाल ने किया। टीम ने लद्दाख रेंज के Chamser-Lungser, Gyama Nala और Chokula क्षेत्रों में 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 ऐसी चोटियों पर आरोहण किया, जिन पर इससे पहले कोई दर्ज आरोहण नहीं था।
कर्तव्य भवन में हुआ फ्लैग-इन समारोह
अभियान के सफल समापन के बाद नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में फ्लैग-इन समारोह आयोजित किया गया। इसी दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरी अभियान टीम से मुलाकात की। उन्होंने पर्वतारोहियों के अनुभवों को जाना और कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी।
रक्षामंत्री ने सराहा साहस और संकल्प
रक्षा मंत्री ने अभियान की सफलता को भारत की पर्वतारोहण क्षमता और एडवेंचर स्पोर्ट्स में बढ़ती भूमिका का उल्लेखनीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियानों से उच्च हिमालयी पर्वतारोहण में नए मानक स्थापित होते हैं और युवाओं को साहसिक गतिविधियों तथा अन्वेषण के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
काशी के लिए गौरव का क्षण
इस ऐतिहासिक अभियान में राकेश यादव की भागीदारी वाराणसी के लिए विशेष उपलब्धि मानी जा रही है। लद्दाख की दुर्गम ऊंचाइयों पर 20 अनछुई चोटियों के पहले दर्ज आरोहण से लेकर नई दिल्ली में देश के रक्षा मंत्री से मुलाकात तक का यह सफर राकेश यादव के पर्वतारोहण करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है।