काशी का युवा अंतरराष्ट्रीय मंच पर करेगा शोध प्रस्तुत, अमेरिका में मिलेगा सम्मान
वाराणसी। काशी के युवा समाजसेवी बीर भद्र सिंह का चयन अमेरिका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICRABIF-2026 में शोध प्रस्तुत करने के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल वाराणसी बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है, जहां वे वैश्विक मंच पर भारत के सामाजिक कार्यों और प्रयासों को सामने रखेंगे।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रखेंगे शोध
बीर भद्र सिंह अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज में आयोजित 3rd International Conference on Recent Advancement in Business, Information Systems & Finance (ICRABIF-2026) में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में दुनियाभर के शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जहां वे अपने शोध के माध्यम से महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
बच्चों की शिक्षा में NGOs की भूमिका पर फोकस
इस सम्मेलन में बीर भद्र सिंह “Role of NGOs in Shaping the Child Education in Financially Poor Society” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत करेंगे। अपने शोध में वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका, उनके योगदान, सामने आने वाली चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं को विस्तार से रखेंगे।
सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका
बीर भद्र सिंह लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर की संस्था ‘दिवि वेलफेयर फाउंडेशन’ के संस्थापक हैं, जो विशेष रूप से स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा, जागरूकता और समग्र विकास के लिए काम कर रही है। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक पहलें संचालित हो रही हैं, जिनका उद्देश्य वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
देश के लिए गर्व का अवसर
उनकी यह उपलब्धि काशी के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके शोध के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत में चल रहे सामाजिक प्रयासों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। यह अवसर न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि देश के सामाजिक कार्यों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है।