सावन में सुरमयी होगी काशी, 55 चौराहों पर हर सुबह एक घंटे गूंजेगा शिवस्रोत

सावन के पावन माह में मोक्षनगरी काशी का कोना-कोना अब और भी अधिक शिवमय, आध्यात्मिक और दिव्य अनुभूति से सराबोर होने जा रहा है। भोर की पहली किरण के साथ ही जब शहर की सड़कें जागेंगी, तो फिजाओं में तैरती शिवस्रोत की मधुर और पावन स्वर लहरियां श्रद्धालुओं का हृदय विभोर कर देंगी। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में यह भव्य निर्णय लिया गया कि आगामी 5 अगस्त से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' के जरिए हर सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्रोत की स्तृति गूंजेगी।
 

महापौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर 

मंदिर परिसर होंगे प्लास्टिक मुक्त, कांवड़ियों के लिए 24 घंटे शौचालय सुविधा और बाढ़ राहत तैयारियों पर हाई अलर्ट

प्रतिदिन सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर शिवस्रोत का होगा प्रसारण 

सभी शिवालयों और मंदिरों के आसपास प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था लागू करने का निर्देश 
  

 

वाराणसी। सावन के पावन माह में मोक्षनगरी काशी का कोना-कोना अब और भी अधिक शिवमय, आध्यात्मिक और दिव्य अनुभूति से सराबोर होने जा रहा है। भोर की पहली किरण के साथ ही जब शहर की सड़कें जागेंगी, तो फिजाओं में तैरती शिवस्रोत की मधुर और पावन स्वर लहरियां श्रद्धालुओं का हृदय विभोर कर देंगी। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में यह भव्य निर्णय लिया गया कि आगामी 5 अगस्त से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' के जरिए हर सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्रोत की स्तृति गूंजेगी।

बैठक में उप्र नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91 (2) के तहत पार्षदों और कार्यकारिणी सदस्यों ने जनहित, शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं और विकास परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाया। उपसभापति नरसिंह दास सहित कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए समिति ने नगर आयुक्त को तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।


सावन व्यवस्थाएं और बाढ़ राहत पर हाई अलर्ट
बैठक में सावन के पवित्र महीने और आगामी बाढ़ की आशंका को देखते हुए कार्यकारिणी ने नगर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उपसभापति नरसिंह दास के प्रस्ताव पर समिति ने कहा कि सावन के दौरान हर शिवालय और मंदिर परिसर के आसपास की व्यवस्था प्लास्टिक मुक्त रखी जाए। कांवड़ियों के सुगम आवागमन, विश्राम स्थलों के निर्माण और सार्वजनिक शौचालयों की 24 घंटे निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आम जनता के लिए शौचालयों पर दर तालिका (रेट-बोर्ड) चस्पा करने का आदेश दिया गया।

वहीं शहर में गंगा व वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर तैयारी तेज करने का निर्देश जारी हुआ। राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल, बेड, भोजन व साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया। इसके अलावा 15 अगस्त से शुरू हुए महावृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों और ट्री-गार्ड्स की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई है।


मानदेय वृद्धि और विकास कार्यों की समीक्षा
शहर के विभिन्न प्रशासनिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों ने कार्यकारिणी में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई। सदस्य प्रवीण राय के प्रस्ताव पर आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों, डाटा एनालिस्टों, प्रोग्रामरों और आईटी विशेषज्ञों के पारिश्रमिक में वृद्धि करने का निर्देश पारित किया गया। साथ ही सीएसआर फंड से प्राप्त कुल धनराशि, स्वीकृत कार्यों और कार्यदायी एजेंसियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई। सदस्य मदन मोहन तिवारी ने वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) के क्रियान्वयन तथा निजी ठेकेदारों द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव व मरम्मत की जिम्मेदारी तय करने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुबंध के अनुसार कार्य न करने वाली एजेंसियों पर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।


पारदर्शिता, नाला सफाई और अवैध कब्जों पर सख्ती
विकास कार्यों में पारदर्शिता और संपत्तियों के संरक्षण को लेकर भी कार्यकारिणी बेहद सख्त नजर आई। सदस्य अशोक मौर्या के प्रस्ताव पर शहर के पार्कों के सौंदर्यीकरण पर हुए व्यय का विवरण और नाला सफाई का वार्डवार व सूचीबद्ध ब्यौरा पेश करने का आदेश दिया गया। सदस्य राजकपूर चौधरी ने डोर-टू-डोर कचरा उठान कंपनी के भुगतान जांच रिपोर्ट की स्थिति पूछी और पंचक्रोशी मार्ग स्थित धर्मशालाओं व विश्राम स्थलों से अवैध कब्जे हटाकर नगर निगम के नियंत्रण में लेने का कड़ा निर्देश दिया।


सांस्कृतिक धरोहरों व बुनियादी सुविधाओं पर जोर
सांस्कृतिक धरोहरों और जनसुविधाओं पर चर्चा करते हुए सदस्य संदीप रघुवंशी ने भारत रत्न व पद्म पुरस्कारों से सम्मानित काशी की विभूतियों के आवासों को संग्रहालय के रूप में विकसित करने और उनके मोहल्लों के नामकरण की योजना पर प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने विगत तीन वर्षों से ठप पड़े पार्षद कोटे के कार्यों को अन्य एजेंसियों से शीघ्र पूर्ण कराने की वकालत की। सदस्य संजय केशरी ने स्मार्ट सिटी एवं तकनीकी एजेंसियों द्वारा शहर में बिना अनुमति लगाए गए यूनीपोल विज्ञापनों तथा जलकल व इंजीनियरिंग विभाग की अधूरी योजनाओं पर स्पष्टीकरण मांगा।

इस क्रम में सदस्य बलिराम कन्नौजिया ने नवसृजित व पुराने क्षेत्रों के धोबी घाटों का जीर्णोद्धार करने और वॉल पेंटिंग पर हुए कुल खर्च की सूची पेश करने का प्रस्ताव रखा। सदस्य गोविंद पटेल ने 15वें वित्त व पार्षद निधि से हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच की मांग करते हुए अभियंताओं की जवाबदेही तय करने की बात कही। उन्होंने नगर निगम की सरकारी संपत्तियों को चिह्नित कर एक सप्ताह में बैरिकेडिंग व बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। सदस्या माधुरी सिंह व सुशीला देवी ने सेवा बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना (सीएमएसवाई) के तहत बिना क्षेत्रीय पार्षदों को सूचित किए शुरू कराए गए कार्यों पर नाराजगी जताते हुए ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। वहीं सदस्या इंद्रा रानी की मांग पर नगर निगम भवन के अभिलेखों को दीमक से बचाने के लिए तत्काल केमिकल ट्रीटमेंट कराने का आदेश पारित हुआ।