काशी विश्वनाथ धाम से मां गौरी को विशेष उपहार, नवरात्र के पहले दिन अर्पित हुए वस्त्र-श्रृंगार
वाराणसी। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन काशी विश्वनाथ धाम में सनातन परंपरा के तहत एक विशेष धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर श्री विश्वेश्वर के अवलोकन के पश्चात मां मुखनिर्मालिका गौरी और शक्तिपीठ माता विशालाक्षी को विधिपूर्वक वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित की गई, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा।
श्री विश्वेश्वर के अवलोकन के बाद अर्पित किए गए उपहार
नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिर के शास्त्रियों द्वारा पहले बाबा श्री काशी विश्वनाथ का पूजन कर उन्हें समस्त सामग्री का अवलोकन कराया गया। इसके बाद यह वस्त्र और श्रृंगार सामग्री मां मुखनिर्मालिका गौरी तथा माता विशालाक्षी को उपहार स्वरूप अर्पित की गई। यह प्रक्रिया पूरी तरह वैदिक विधि-विधान और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सम्पन्न हुई।
नवरात्रि भर जारी रहेगा विशेष अनुष्ठान
मंदिर प्रशासन के अनुसार, नवरात्रि के आगामी दिनों में भी मां गौरी के विभिन्न स्वरूपों के लिए, जिस दिन जो स्वरूप समर्पित रहेगा, उसी के अनुरूप वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री श्री विश्वेश्वर को अर्पित कर, वहां से अवलोकित कराकर प्रतिदिन संबंधित देवी को समर्पित की जाएगी। यह परंपरा पूरे नवरात्रि काल तक निरंतर जारी रहेगी।
श्रद्धा और परंपरा का जीवंत उदाहरण
यह आयोजन काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और सनातन आस्था का जीवंत उदाहरण है। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर इस प्रकार के अनुष्ठान श्रद्धालुओं में भक्ति और श्रद्धा का संचार करते हैं तथा काशी की धार्मिक महत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।