ग्लोबल टूरिज्म हब की ओर काशी : आधुनिक साइनज और ब्यूटीफिकेशन से बदलेगा शहर

लखनऊ। काशी को विश्वस्तरीय पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लगभग 15.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार “कॉम्प्रिहेंसिव वे-फाइंडिंग और ब्यूटीफिकेशन प्लान 2026” के तहत पूरे शहर में आधुनिक टूरिस्ट साइनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देना और वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है। पर्यटन विभाग की ओर से इस संबंध में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जल्द ही इसे मुख्यमंत्री स्वयं देखेंगे और उसके बाद इसे मंजूरी दी जाएगी। 
 

लखनऊ। काशी को विश्वस्तरीय पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लगभग 15.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार “कॉम्प्रिहेंसिव वे-फाइंडिंग और ब्यूटीफिकेशन प्लान 2026” के तहत पूरे शहर में आधुनिक टूरिस्ट साइनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन देना और वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है। पर्यटन विभाग की ओर से इस संबंध में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जल्द ही इसे मुख्यमंत्री स्वयं देखेंगे और उसके बाद इसे मंजूरी दी जाएगी। 

6 प्रमुख कॉरिडोर को जोड़कर बनेगा टूरिस्ट नेटवर्क
इस परियोजना के तहत वाराणसी के छह प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिनमें अतुलानंद से मैदागिन, काल भैरव रोड, पुलिस लाइन से सारनाथ, मैदागिन से भेलूपुर, भेलूपुर से लंका और लंका से संकट मोचन तक के रूट शामिल हैं। ये सभी कॉरिडोर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों को जोड़ते हैं, जिससे यात्रियों को बिना भ्रम के आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

काशी विश्वनाथ से सारनाथ तक सभी प्रमुख स्थलों को मिलेगा कवर
योजना में काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, काल भैरव मंदिर, संकट मोचन मंदिर, दुर्गा कुंड और सारनाथ जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है। इन जगहों पर आधुनिक सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी के साथ QR कोड भी होगा, जिससे पर्यटक अपने मोबाइल से अतिरिक्त जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

हिंदी-अंग्रेजी में होंगे स्मार्ट साइन बोर्ड, रात में भी दिखेंगे स्पष्ट
नई साइनज प्रणाली पूरी तरह से आधुनिक होगी। सभी बोर्ड हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे और उनमें रिफ्लेक्टिव तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रात में भी साफ दिखाई देंगे। इसके साथ ही एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों और मंदिरों के मार्गों पर बड़े ओवरहेड और रोडसाइड साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।

मंदिरों पर लगेंगे नियम और समय के बोर्ड
परियोजना के तहत मंदिरों और प्रमुख स्थलों पर ‘डूज़ एंड डोन्ट्स’ बोर्ड और ओपनिंग-क्लोजिंग टाइम बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इनसे श्रद्धालुओं को नियमों और समय की जानकारी आसानी से मिल सकेगी और व्यवस्था बेहतर होगी।

टूटे-बिखरे बोर्ड हटेंगे, शहर का होगा सौंदर्यीकरण
इस योजना में पुराने और क्षतिग्रस्त साइन बोर्ड हटाने के साथ-साथ नई संरचनाएं लगाई जाएंगी। साथ ही, प्रमुख मार्गों पर ट्रांसफॉर्मर कवरिंग, वायरिंग को व्यवस्थित करना, फुटपाथ सुधार और भवनों की फेसाड पेंटिंग जैसे सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे। इससे शहर की समग्र छवि में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

फेजवार तरीके से होगा काम, स्मार्ट सिटी विजन से जुड़ी योजना
पूरे प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले पुराने बोर्ड हटाए जाएंगे, फिर नए बोर्ड लगाए जाएंगे और अंत में सौंदर्यीकरण का काम पूरा किया जाएगा। यह योजना स्मार्ट सिटी मिशन और पर्यटन विकास रणनीति के अनुरूप तैयार की गई है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, काशी की पहचान होगी मजबूत
इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद वाराणसी में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर मार्गदर्शन, साफ-सुथरा वातावरण और एकरूप ब्रांडिंग से काशी की पहचान एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन शहर के रूप में और मजबूत होगी।