काशी को मिलेगा नया ऑक्सीजन हब, कठिरांव वेटलैंड होगा संरक्षित
वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वाराणसी के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल की घोषणा की गई है। पिंडरा तहसील क्षेत्र के कठिरांव ग्राम पंचायत स्थित वेटलैंड (आर्द्रभूमि) को वन विभाग द्वारा संरक्षित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लगभग 19.06 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस प्राकृतिक जल संपदा को विकसित कर जिले का नया "ऑक्सीजन हब" बनाने की तैयारी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कठिरांव वेटलैंड को "आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017" के अंतर्गत अधिसूचित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने के बाद क्षेत्र की प्राकृतिक जल संरचना, भूजल स्तर और जैव विविधता के संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि संरक्षित क्षेत्र घोषित होने के बाद वेटलैंड में अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट का निस्तारण, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां तथा प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंचाने वाले निर्माण कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग को जिला आर्द्रभूमि प्राधिकरण से अनुदान भी प्राप्त हुआ है।
वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि कठिरांव वेटलैंड का चयन विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष अभियान के तहत किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक जल संसाधनों का संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार तथा प्रवासी पक्षियों एवं अन्य जलीय जीवों के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वेटलैंड क्षेत्र हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होकर आसपास के वातावरण को शुद्ध बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल स्थानीय पर्यावरण को लाभ मिलेगा बल्कि काशी को एक नया प्राकृतिक ऑक्सीजन हब भी प्राप्त होगा। साथ ही, क्षेत्र में पक्षियों और जलीय जीवों की वापसी से पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।