जबलपुर क्रूज हादसे पर काशी में शोक, अस्सी घाट पर गंगा आरती के बीच दी गई श्रद्धांजलि
वाराणसी। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस त्रासदी पर काशी में भी गहरा शोक व्यक्त किया गया। शनिवार को अस्सी घाट पर श्रद्धालुओं और अर्चकों ने एकत्र होकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। घाट पर माहौल पूरी तरह गमगीन रहा और हर ओर शोक की लहर महसूस की गई।
विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के दौरान नम आंखों से दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रार्थना करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की। गंगा तट पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस शोक में सहभागी बने और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों को नमन किया।
इस दौरान मुख्य अर्चकों द्वारा विशेष शांति पाठ किया गया। साथ ही भगवान हनुमान से पीड़ित परिवारों को संबल देने की प्रार्थना करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। अर्चकों ने कहा कि कठिन समय में आस्था ही मनुष्य को धैर्य और शक्ति प्रदान करती है और भगवान हनुमान से यही प्रार्थना की गई कि वे सभी शोकाकुल परिवारों को साहस दें।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई श्रद्धालु भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं। सभी ने एक स्वर में मां गंगा से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विकास पांडेय ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अत्यंत दुखद हैं और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने जल पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही कहा कि इस शांति पाठ और सामूहिक प्रार्थना का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को मानसिक संबल प्रदान करना है। काशी की जनता ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है।