ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी को तैयार काशी, सुरक्षा व्यवस्था होगी पुख्ता, अतिथियों का भव्य स्वागत
- 4-5 जून को 10 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
- शहर को सजाने-संवारने में जुटा प्रशासनिक अमला
- ब्राजील, रूस, चीन, ईरान समेत 10 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
- संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर होगा गहन मंथन
वाराणसी। ब्रिक्स देशों के कल्चरल वर्किंग ग्रुप की प्रस्तावित बैठक को लेकर काशी पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। आगामी 4 और 5 जून को ताज होटल में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बताया कि ब्रिक्स सदस्य देशों सहित कुल 10 देशों के सचिव स्तर के अधिकारी एवं प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। सम्मेलन को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों की व्यवस्थाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है।
मंडलायुक्त के अनुसार 3 जून को 30 से अधिक सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल वाराणसी पहुंचेगा। इसके बाद 4 और 5 जून को सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण और आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इस बैठक में ब्राजील, भारत, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा नए सदस्य देशों में शामिल ईरान, संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य देशों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन को लेकर आयोजन स्थल ताज होटल के साथ-साथ शहर के प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। विदेशी प्रतिनिधियों के आगमन को देखते हुए स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंडलायुक्त ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सम्मेलन स्थल, प्रतिनिधियों के आवागमन मार्गों और भ्रमण स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के उपरांत विदेशी प्रतिनिधियों को वाराणसी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के लिए सारनाथ तथा काशी विश्वनाथ धाम का भ्रमण कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से अतिथियों के सम्मान में विशेष रात्रि भोज का भी आयोजन किया जाएगा।
मंडलायुक्त ने विश्वास जताया कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा, बल्कि वाराणसी की पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से पर्यटन, सांस्कृतिक सहयोग और वैश्विक संवाद को बढ़ावा मिलेगा तथा काशी की प्रतिष्ठा विश्व पटल पर और अधिक सशक्त होगी।