यूजीसी के विरोध में करणी सेना का प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी समेत कई हिरासत में
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचे थे कार्यकर्ता, अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने रोका; दुर्व्यवहार का आरोप, एडीसीपी ने बताया कानून-व्यवस्था का हवाला
वाराणसी। यूजीसी के विरोध में सोमवार को वाराणसी के जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी और जिला अध्यक्ष आलोक सिंह के नेतृत्व में करीब 150 से 200 कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे कार्यकर्ता
करणी सेना के नेताओं का कहना था कि वे यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने और अपनी मांगों को प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालय आए थे। उनका उद्देश्य ज्ञापन सौंपकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताना था। हालांकि, पुलिस द्वारा प्रदर्शन से रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने पहुंचे लोगों के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें ज्ञापन सौंपने का अवसर भी नहीं दिया।
जिलाध्यक्ष आलोक सिंह और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे किसी तरह की अव्यवस्था फैलाने नहीं, बल्कि अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की कोशिश के बावजूद पुलिस ने सख्ती दिखाई। कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई।
अनुमति नहीं मिलने पर पुलिस ने की कार्रवाई
वहीं, एडीसीपी लिपि नगायच ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद करीब 150 से 200 लोग एकत्र हो गए थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बिना अनुमति जुटने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा।
एडीसीपी के मुताबिक, मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और बिना अनुमति हो रहे प्रदर्शन को नियंत्रित करना था।
दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क
प्रदर्शन के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस-प्रशासन के बीच कार्रवाई को लेकर मतभेद सामने आए। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपने और अपनी मांग रखने के लिए पहुंचने की बात कही, जबकि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कार्रवाई का आधार बताया। फिलहाल, हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया अपनाने की बात कही है।