करणी सेना कार्यकर्ताओं ने शास्त्री घाट पर किया धरना-प्रदर्शन, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग 

आरक्षण व्यवस्था में संशोधन और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की दोबारा समीक्षा कर जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठाई।
 

वाराणसी। आरक्षण व्यवस्था में संशोधन और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की दोबारा समीक्षा कर जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठाई।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में इसका लाभ केवल जातिगत आधार पर देने के बजाय आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कई सक्षम और संपन्न लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद इससे वंचित रह जाते हैं।

करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए, जिससे लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्षम लोगों का उदाहरण देते हुए आरक्षण व्यवस्था के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के समर्थन में भी आवाज उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश के विभिन्न जिलों में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक स्तर पर ले जाने की बात कही।

कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक संशोधन कर सामाजिक एवं आर्थिक जरूरत के आधार पर अधिक प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।