कार की टक्कर से कांवड़िये की मौत, पुलिस आयुक्त से मिले परिजन, आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की  

चौबेपुर थाना क्षेत्र में कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं के समूह को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान विनीत तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
 

वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र में कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं के समूह को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। मृतक की पहचान विनीत तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक दावे किए गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कांवड़ यात्रा मार्ग पर हुए हादसे ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि चौबेपुर पुलिस ने मामले में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई और कार्रवाई को लेकर उन्हें थाने के चक्कर लगाने पड़े। पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल कांवड़ियों के लिए निर्धारित मार्ग और यातायात नियंत्रण को लेकर उठ रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि कांवड़ियों के लिए अलग लेन निर्धारित की गई थी तो कार उस लेन तक कैसे पहुंची। क्या मार्ग पर पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और क्या वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात थे, इसकी जांच की मांग की जा रही है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद चौबेपुर थाने में प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए धाराओं में बढ़ोतरी की। हालांकि, मुकदमे में लगी धाराओं और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। परिजनों ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते और वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रहता तो हादसे को रोका जा सकता था।

घटना के बाद कांवड़ यात्रा मार्गों पर बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था, वाहनों के प्रवेश और पुलिस बल की तैनाती की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। हादसे ने कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतर पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई थी या नहीं।