कबीरचौरा अस्पताल का होगा कायाकल्प, 315 करोड़ की लागत से बनेगा 500 बेड का हाईटेक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

पूर्वांचल के लोगों को आधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त (एसएसपीजी) मंडलीय राजकीय चिकित्सालय में 500 बेड के अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा रविवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की गई।
 

वाराणसी। पूर्वांचल के लोगों को आधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कबीरचौरा स्थित श्री शिव प्रसाद गुप्त (एसएसपीजी) मंडलीय राजकीय चिकित्सालय में 500 बेड के अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 315.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा रविवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की गई।

बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, एसएसपीजी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, जिला महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. संजीव वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों तथा निर्माणदायी संस्था महालासा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में अस्पताल के पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण और नए अस्पताल भवन के निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का प्रमुख विषय यह रहा कि निर्माण कार्य के दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों को बिना प्रभावित किए किस प्रकार सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि निर्माण अवधि के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और अस्पताल की नियमित सेवाएं प्रभावित न हों।

इस दौरान एसएसपीजी अस्पताल प्रशासन और निर्माणदायी संस्था द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। विभिन्न तकनीकी पहलुओं और निर्माण की प्रगति पर चर्चा करते हुए डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

परियोजना के तहत वर्तमान जर्जर भवनों को हटाकर बेसमेंट सहित आठ मंजिला (जी+8) आधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डॉक्टरों और कर्मचारियों के आवास के लिए बेसमेंट सहित 14 मंजिला (जी+14) अलग टावर भी बनाया जाएगा। नए मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी एवं न्यूरो सर्जरी, किडनी रोग, यूरोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन, प्लास्टिक सर्जरी और डायलिसिस जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल में 47 आईसीयू बेड, अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, एडवांस लैब और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वांचल के मरीजों को गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ लाखों लोगों के लिए बेहतर और सुलभ चिकित्सा का केंद्र बनेगा।