बीएचयू आयुर्वेद संकाय में जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ी, मचा हड़कंप  

बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में एक जूनियर डॉक्टर की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। रसशास्त्र विभाग की इस छात्रा को चिंताजनक स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद वह अपने पिता के साथ महाराष्ट्र स्थित अपने घर लौट गई।
 

वाराणसी। बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में एक जूनियर डॉक्टर की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। रसशास्त्र विभाग की इस छात्रा को चिंताजनक स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद वह अपने पिता के साथ महाराष्ट्र स्थित अपने घर लौट गई।

मामले की जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. नम्रता जोशी ने बताया कि छात्रा डॉ. आकांक्षा ने 19 मार्च को फोन के माध्यम से घर जाने की अनुमति मांगी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह अपने ही बैच के साथियों के साथ सेमिनार प्रस्तुतिकरण को लेकर मानसिक तनाव में थी।

बताया गया कि छात्रा का सेमिनार अवकाश अवधि के दौरान निर्धारित किया गया था, जिससे उस पर अतिरिक्त दबाव बन गया। जब विभाग की ओर से उसे बुलाकर बातचीत की गई, तो वह काफी चिंतित और असहज दिखाई दी। स्थिति को गंभीर मानते हुए एहतियातन उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रो. जोशी के अनुसार, एक ही बैच के चार शोधार्थियों के बीच सेमिनार प्रस्तुति को लेकर मतभेद चल रहा था, जिसमें उक्त छात्रा भी शामिल थी। चूंकि इस दौरान अन्य छात्राएं अवकाश पर थीं, इसलिए छात्र हित को ध्यान में रखते हुए सेमिनार की तिथि को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया।

घटना से एक दिन पहले पटना से छात्रा के एक सहयोगी ने विभाग बंद होने के बाद फोन कर सूचना दी थी कि वह केएन उडुप्पा सभागार के पास चिंतित अवस्था में मौजूद है। इसके बाद विभागाध्यक्ष ने संबंधित छात्राओं को बुलाकर स्थिति को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया।

पूछताछ के दौरान स्पष्ट हुआ कि छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान थी। विभाग की ओर से उसे दो विकल्प दिए गए या तो वह बातचीत के जरिए अपनी समस्या सुलझाए या चिकित्सा सहायता ले। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता को प्राथमिकता दी गई। फिलहाल छात्रा अपने पिता के साथ सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है। विभाग की ओर से पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए छात्र हित में समाधान निकालने का प्रयास जारी है।