मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने का मामला, काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे जितेंद्रानंद सरस्वती, बोले, धर्म के नाम पर झूठ की राजनीतिक करना निदंनीय 

मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने के दावों के बीच संत समाज मौके पर पहुंचा और पूरे प्रकरण की वास्तविकता की पड़ताल की। अखिल भारतीय संत समिति के पदाधिकारियों और संतों ने कुम्भा महादेव मंदिर का भ्रमण कर दर्शन किए और वहां किसी भी प्रकार के ध्वस्तीकरण से इनकार किया। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने धर्म के नाम पर झूठी राजनीति को निदंनीय बताया। 
 

वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने के दावों के बीच संत समाज मौके पर पहुंचा और पूरे प्रकरण की वास्तविकता की पड़ताल की। अखिल भारतीय संत समिति के पदाधिकारियों और संतों ने कुम्भा महादेव मंदिर का भ्रमण कर दर्शन किए और वहां किसी भी प्रकार के ध्वस्तीकरण से इनकार किया। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने धर्म के नाम पर झूठी राजनीति को निदंनीय बताया। 

उन्होंने कहा कि एआई के द्वारा जनरेट करके कुछ राजनीतिक दलों के षड़यंत्रकारियों ने वीडियो वायरल किया। घाटों का विस्तार होना चाहिए। जब विश्वनाथ धाम का विस्तार होकर कॉरिडोर बना तो उस समय भी 400 मकान हटाए गए। उस समय भी षड़यंत्र हुए, मोटी-मोटी पुस्तकें लिखी गईं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को औरंगजेब तक कहा गया। 

विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में 17 करोड़ पर्यटक वाराणसी आ रहे हैं। इससे किसका लाभ हो रहा है। 2200 वर्ग फीट में फैला मंदिर अब 5 लाख वर्ग फीट में विस्तारित हो चुका है। धर्म के नाम पर झूठी राजनीति करने की पद्धति ठीक नहीं है।