नवनीता कुंवर पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी की धूम, नन्हे कलाकारों ने मंच पर सजाई कृष्णलीला
वाराणसी। सुसुवाही स्थित नवनीता कुंवर पब्लिक स्कूल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2026 हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस दौरान नर्सरी से कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, उनकी लीलाओं, व्यक्तित्व और कर्मयोग पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे बच्चों की प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रबंधक राजेश कुमार राय, उपाध्यक्ष प्रवीण राय, प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय तथा वरिष्ठ एवं कनिष्ठ समन्वयकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
महोत्सव में विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत, नाटक, भाषण और भगवद्गीता के श्लोकों की प्रस्तुति दी। नन्हे कलाकारों ने कहीं बाल गोपाल के रूप में अपनी प्रतिभा दिखाई तो कहीं श्रीकृष्ण के कर्म, कर्तव्य, जीवन-दर्शन और विराट व्यक्तित्व को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कृष्ण की बाल लीलाओं और उनके प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
वैष्णवी, शानवी, कृष्णन, सक्षम, रिद्धिमा, सार्थक, अविज्ञा, विराज, यश और गर्विता सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया। मुख्य अतिथि राजेश कुमार राय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कर्म और कर्तव्य को सर्वोच्च महत्व देते हुए धैर्य, विवेक और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अनुशासित और लक्ष्यपूर्ण जीवन की ओर बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता, अनुशासन और कर्तव्यबोध विकसित करना भी उसका उद्देश्य है। प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर राय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उनमें भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान के साथ मंच पर प्रतिभा प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। अंत में शिक्षिका वीणा सिंह ने अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।