भगवान शिव के धाम में गूंजा ‘जय श्रीकृष्ण’, BHU के काशी विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी का उल्लास
बाल कृष्ण की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, भक्ति संगीत और रासलीला ने बांधा समां
वाराणसी। भगवान शिव की नगरी काशी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष सजावट की गई। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और विभिन्न सजावटी सामग्री से सजाया गया है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भक्ति संगीत की प्रस्तुतियों और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े कार्यक्रमों ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। परिसर में गूंजते भजनों और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
गोपियों के रूप में नजर आईं छात्राएं
BHU में प्रत्येक वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की छात्राएं गोपियों के रूप में सजकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर जीवंत करती हैं। रासलीला और कृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहता है।
छात्र-छात्राओं के साथ श्रद्धालु भी इन कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। कृष्ण की बाल लीलाओं और रासलीला के मंचन के दौरान परिसर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलता है। जन्माष्टमी के आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई देता है।
शिव और कृष्ण भक्ति का अनूठा संगम
काशी में भगवान विश्वनाथ की आराधना का विशेष महत्व है। ऐसे में BHU स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन शिव और कृष्ण भक्ति के अनूठे संगम का प्रतीक बन जाता है। भगवान शिव के धाम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति लेकर आती है।
मंदिर में सजी बाल कृष्ण की झांकी, रंग-बिरंगी सजावट, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को आकर्षक बना दिया। दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने झांकी के दर्शन किए और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
जन्माष्टमी को लेकर BHU परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। शाम होते ही मंदिर की सजावट और भक्ति कार्यक्रमों ने वातावरण को और भी मनोहारी बना दिया। भजनों के बीच श्रद्धालु और विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते नजर आए। इस तरह काशी विश्वनाथ मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, संस्कृति और भक्ति के रंग में सराबोर दिखाई दिया।